बक्सर में रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार को जिले भर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। शहर की सड़कों पर भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमाओं के साथ 25 से अधिक शोभायात्राएं और जुलूस निकाले गए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक इन आयोजनों में भाग लिया। सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से जुलूस निकालने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। रामरेखा घाट, ठठेरी बाजार, सिंडीगेट रोड, चौसा बाजार और डुमरांव अनुमंडल सहित कई स्थानों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। विभिन्न समितियों ने भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकियां सजाई थीं, जिन्हें फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। पारंपरिक परिधानों में सजे युवाओं की टोलियां इन आयोजनों का मुख्य आकर्षण थीं। भंडारा, पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई शोभायात्राओं में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाती झांकियां भी शामिल थीं, जिनमें राम-सीता, लक्ष्मण और हनुमान के जीवंत रूप प्रस्तुत किए गए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। कई स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों द्वारा भंडारा, पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिली। चौसा में शोभायात्रा के दौरान पूर्व मुखिया ब्रिज बिहारी सिंह ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और अनुशासित रहा। उन्होंने इस अवसर पर आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी अद्भुत उदाहरण देखने को मिलने की बात कही। शोभायात्राओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बक्सर पुलिस और जिला प्रशासन ने शोभायात्राओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही थी, और जगह-जगह मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारी मुस्तैद दिखे। पुलिस की लगातार गश्त के कारण कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।शहरवासियों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया। बक्सर में रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार को जिले भर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। शहर की सड़कों पर भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमाओं के साथ 25 से अधिक शोभायात्राएं और जुलूस निकाले गए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक इन आयोजनों में भाग लिया। सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से जुलूस निकालने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। रामरेखा घाट, ठठेरी बाजार, सिंडीगेट रोड, चौसा बाजार और डुमरांव अनुमंडल सहित कई स्थानों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। विभिन्न समितियों ने भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकियां सजाई थीं, जिन्हें फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। पारंपरिक परिधानों में सजे युवाओं की टोलियां इन आयोजनों का मुख्य आकर्षण थीं। भंडारा, पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई शोभायात्राओं में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाती झांकियां भी शामिल थीं, जिनमें राम-सीता, लक्ष्मण और हनुमान के जीवंत रूप प्रस्तुत किए गए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। कई स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों द्वारा भंडारा, पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिली। चौसा में शोभायात्रा के दौरान पूर्व मुखिया ब्रिज बिहारी सिंह ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और अनुशासित रहा। उन्होंने इस अवसर पर आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी अद्भुत उदाहरण देखने को मिलने की बात कही। शोभायात्राओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बक्सर पुलिस और जिला प्रशासन ने शोभायात्राओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही थी, और जगह-जगह मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारी मुस्तैद दिखे। पुलिस की लगातार गश्त के कारण कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।शहरवासियों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया।


