जैसलमेर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित दवाड़ा गांव में शुक्रवार को एक विशालकाय कोबरा के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले करीब दो महीनों से यह जहरीला नाग किसान देरावर सिंह के खेत में विचरण कर रहा था, जिससे इलाके में लगातार डर का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार को जब किसान अपने खेत में कार्य कर रहा था, तब अचानक उसका सामना इस 6 फीट लंबे कोबरा से हो गया। हिम्मत दिखाते हुए किसान ने सांप का पीछा किया, जिसके बाद वह एक झोपड़ी की नींव में जा छिपा। त्वरित सूचना पर पहुंचे स्नेक कैचर साहिल ने सुरक्षित रेस्क्यू कर इसे जंगल में मुक्त किया। खेत में काम के दौरान हुआ आमना-सामना सीमावर्ती जिले के ग्रामीण अंचलों में गर्मी की दस्तक के साथ ही वन्यजीवों और विषैले सांपों का आबादी क्षेत्र में निकलना शुरू हो गया है। ताजा मामला दवाड़ा गांव का है, जहाँ देरावर सिंह के खेत में पिछले 60 दिनों से एक काले कोबरा की मौजूदगी ने किसान परिवार को चिंता में डाल रखा था। झोपड़ी की नींव में जा छुपा नाग शुक्रवार दोपहर देरावर सिंह अपने खेत में कृषि कार्य में व्यस्त थे, तभी अचानक उनकी नजर झाड़ियों के पास रेंगते हुए एक विशाल कोबरा पर पड़ी। सांप की लंबाई करीब 6 फीट बताई जा रही है। किसान ने जब कोबरा का पीछा किया, तो वह बचने के लिए पास ही बनी एक झोपड़ी की नींव के पत्थरों के बीच जाकर छिप गया। स्नेक कैचर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू सांप के छिपने के स्थान को चिह्नित करने के बाद देरावर सिंह ने तुरंत इसकी सूचना जैसलमेर के स्नेक कैचर साहिल को दी। सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद साहिल मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक पत्थरों के बीच फंसे कोबरा को बाहर निकाला। कोबरा काफी आक्रामक मुद्रा में था, लेकिन विशेषज्ञता के साथ उसे काबू कर लिया गया। सुरक्षित जंगल में छोड़ा रेस्क्यू के बाद स्नेक कैचर साहिल ने कोबरा को एक सुरक्षित जार में डाला और उसे आबादी क्षेत्र से काफी दूर घने जंगल में ले जाकर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। साहिल ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि इस मौसम में सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उन्हें नुकसान पहुंचाएं, बल्कि तुरंत विशेषज्ञों को सूचित करें।


