कन्नौज में पीएसएम पीजी कॉलेज में 21 मार्च को आयोजित विवाह फर्जीवाड़े की बात सामने आई थी। अब इसमें मामले एक युवती ने दावा किया है कि उसे इस विवाह के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। उससे जबरन पत्र लिखवाया गया था। मामले में डीएम आवास के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भूमिका सामने आने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारी युवती के गांव पहुंचे। उससे पत्र लेकर मामले को दबाने की कोशिश की। समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया, युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पत्र दिया है, जिसमें उसने पैसों के लालच में आवेदन करने की बात कही है। हालांकि, युवती ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उस पर दबाव बनाकर पत्र लिखवाया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि अब उसे फोन पर सच्चाई न बताने के लिए धमकियां मिल रही हैं। फतेहपुर जसोदा क्षेत्र की रहने वाली बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा ज्योति ने बताया, उसने न तो विवाह के लिए आवेदन किया था और न ही उसे इस योजना की जानकारी थी। 3 दिन पहले कुछ लोग उसके घर आए, जिन्होंने खुद को अधिकारी बताया और अखबार की कटिंग दिखाकर उससे एक पत्र लिखवाया। युवती का आरोप है कि पत्र न लिखने पर उसे जेल भेजने की धमकी दी गई, जिसके डर से उसने माफीनामा लिख दिया। मंत्री से मिलने पहुंची, लेकिन नहीं हो सकी मुलाकात युवती ने पूरे मामले की शिकायत समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से करने का प्रयास किया। जानकारी मिलने पर वह रोमा स्मारक में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंची, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही मंत्री जा चुके थे। युवक ने भी जताई अनभिज्ञता इस मामले में जिस युवक नीतू कुमार के साथ युवती का विवाह दर्शाया गया, उसने भी आवेदन की जानकारी से इनकार किया है। तिर्वा के अंबेडकर नगर निवासी नीतू कुमार का कहना है कि वह दो बच्चों का पिता है। युवती उसकी मौसी की बेटी है। ऐसे में इस तरह का आवेदन किसने और क्यों किया, उसे जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर डीएम आवास के एक कर्मचारी की पत्नी का है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि योजना से मिलने वाली धनराशि और उपहार हड़पने के उद्देश्य से फर्जीवाड़ा किया गया। फिलहाल मामले में कार्रवाई के बजाय उसे दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


