नवरात्रि के पावन अवसर पर आरा शहर के करमन टोला मुहल्ला स्थित एस एन मेमोरियल इंटरनेशनल स्कूल में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्कूल परिसर में कन्या पूजन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 108 कुंवारी कन्याओं की विधि-विधान से पूजा की गई। इस दौरान पूरे माहौल में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा की विशेष छटा बिखरी रही। कार्यक्रम की शुरुआत कन्याओं के स्वागत से हुई, जहां उन्हें देवी स्वरूप मानकर उनके चरण पखारे गए। इसके बाद उनके पैरों में आलता लगाया गया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाया गया। पूजा-अर्चना के बाद कन्याओं को प्रसाद स्वरूप भोजन कराया गया, जिसमें पूरी, सब्जी, हलवा सहित विभिन्न व्यंजन शामिल थे। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सम्मान और समाज में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करना था। धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का संदेश समारोह के अंत में सभी कन्याओं को उपहार भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस मौके पर स्कूल की डायरेक्टर स्मिता सिंह, जन्मेजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का संदेश देता है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और उनके महत्व को भी मजबूती से स्थापित करता है। माता रानी से प्रार्थना डायरेक्टर स्मिता सिंह ने बताया कि इस साल अपने पति जन्मेजय सिंह के साथ नवरात्र का पाठ रखे थे। हर्षल कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। इस साल 108 माता का स्वरूप का पूजन किया है। भोजन कराने के बाद कन्याओं को एक छोटा उपहार दिया गया। ऐसे में हमारी कोई औकात नहीं है कि भगवान को कुछ उपहार दे सके। लेकिन उपहार ऐसा चीज है कि हर उम्र के लोग प्रसन्न होते है। माता रानी से ये प्रार्थना करती हूं कि अगले साल इससे भी भव्य आयोजन कर सके। नवरात्रि के पावन अवसर पर आरा शहर के करमन टोला मुहल्ला स्थित एस एन मेमोरियल इंटरनेशनल स्कूल में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्कूल परिसर में कन्या पूजन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 108 कुंवारी कन्याओं की विधि-विधान से पूजा की गई। इस दौरान पूरे माहौल में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा की विशेष छटा बिखरी रही। कार्यक्रम की शुरुआत कन्याओं के स्वागत से हुई, जहां उन्हें देवी स्वरूप मानकर उनके चरण पखारे गए। इसके बाद उनके पैरों में आलता लगाया गया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाया गया। पूजा-अर्चना के बाद कन्याओं को प्रसाद स्वरूप भोजन कराया गया, जिसमें पूरी, सब्जी, हलवा सहित विभिन्न व्यंजन शामिल थे। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सम्मान और समाज में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करना था। धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का संदेश समारोह के अंत में सभी कन्याओं को उपहार भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस मौके पर स्कूल की डायरेक्टर स्मिता सिंह, जन्मेजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का संदेश देता है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और उनके महत्व को भी मजबूती से स्थापित करता है। माता रानी से प्रार्थना डायरेक्टर स्मिता सिंह ने बताया कि इस साल अपने पति जन्मेजय सिंह के साथ नवरात्र का पाठ रखे थे। हर्षल कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। इस साल 108 माता का स्वरूप का पूजन किया है। भोजन कराने के बाद कन्याओं को एक छोटा उपहार दिया गया। ऐसे में हमारी कोई औकात नहीं है कि भगवान को कुछ उपहार दे सके। लेकिन उपहार ऐसा चीज है कि हर उम्र के लोग प्रसन्न होते है। माता रानी से ये प्रार्थना करती हूं कि अगले साल इससे भी भव्य आयोजन कर सके।


