मुखिया तान्या परवीन ने बदली सिसवा पूर्वी पंचायत की तस्वीर:विकास कार्यों की हो रही तारीफ, प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी के लिए महिलाओं को किया प्रेरित

मुखिया तान्या परवीन ने बदली सिसवा पूर्वी पंचायत की तस्वीर:विकास कार्यों की हो रही तारीफ, प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी के लिए महिलाओं को किया प्रेरित

बिहार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड अंतर्गत सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या परवीन ने अपने कार्यों से पंचायत का स्वरूप बदल दिया है, जिसकी ग्रामीण खूब सराहना कर रहे हैं। बिहार में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद ऐसे कई उदाहरण सामने आ रहे हैं। मुखिया तान्या परवीन ने अपने कुशल नेतृत्व और सक्रियता से सिसवा पूर्वी पंचायत में विकास की नई इबारत लिखी है। प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी के लिए किया प्रेरित उन्होंने न केवल विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा है, बल्कि महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर सामाजिक और प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया है। पंचायत में पेयजल, शौचालय, लाइब्रेरी और जीविका भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर बिहार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है। इन विकास कार्यों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। तान्या परवीन के नेतृत्व में मिली नई पहचान ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि तान्या परवीन के नेतृत्व में उन्हें एक नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है। अब वे केवल घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पंचायत की बैठकों में हिस्सा लेकर महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं ने यह भी बताया कि तान्या परवीन को मुखिया चुनना उनके लिए एक सही और दूरदर्शी निर्णय साबित हुआ है। ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तान्या परवीन स्वयं महिलाओं को जागरूक कर रही हैं और उन्हें पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। आज सिसवा पूर्वी पंचायत महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल बन चुकी है, जहाँ महिलाएं न केवल अपने अधिकारों को समझ रही हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बिहार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड अंतर्गत सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या परवीन ने अपने कार्यों से पंचायत का स्वरूप बदल दिया है, जिसकी ग्रामीण खूब सराहना कर रहे हैं। बिहार में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद ऐसे कई उदाहरण सामने आ रहे हैं। मुखिया तान्या परवीन ने अपने कुशल नेतृत्व और सक्रियता से सिसवा पूर्वी पंचायत में विकास की नई इबारत लिखी है। प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी के लिए किया प्रेरित उन्होंने न केवल विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा है, बल्कि महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर सामाजिक और प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया है। पंचायत में पेयजल, शौचालय, लाइब्रेरी और जीविका भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर बिहार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है। इन विकास कार्यों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। तान्या परवीन के नेतृत्व में मिली नई पहचान ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि तान्या परवीन के नेतृत्व में उन्हें एक नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है। अब वे केवल घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पंचायत की बैठकों में हिस्सा लेकर महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं ने यह भी बताया कि तान्या परवीन को मुखिया चुनना उनके लिए एक सही और दूरदर्शी निर्णय साबित हुआ है। ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तान्या परवीन स्वयं महिलाओं को जागरूक कर रही हैं और उन्हें पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। आज सिसवा पूर्वी पंचायत महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल बन चुकी है, जहाँ महिलाएं न केवल अपने अधिकारों को समझ रही हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।  

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