रामनवमी पर ‘राममय’ पटना, डाक बंगला चौराहा पहुंचेगे 52 झांकियां:5-7 लाख श्रद्धालु होंगे शामिल, 1500 जवान तैनात; 500 सीसीटीवी-10 ड्रोन से हाईटेक निगरानी

रामनवमी पर ‘राममय’ पटना, डाक बंगला चौराहा पहुंचेगे 52 झांकियां:5-7 लाख श्रद्धालु होंगे शामिल, 1500 जवान तैनात; 500 सीसीटीवी-10 ड्रोन से हाईटेक निगरानी

राजधानी पटना इस बार रामनवमी पर पूरी तरह ‘राममय’ हो चुका है। डाक बंगला चौराहा पर आयोजित भव्य शोभायात्रा अपने विशाल स्वरूप, तकनीकी नवाचार और अभूतपूर्व तैयारियों के चलते पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है। रामनवमी पर इस बार का आयोजन हर मायने में ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ नजर आ रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन पहली बार बतौर शोभायात्रा संयोजक इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। वे दो दिन पहले ही पटना पहुंचकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, डाक बंगला चौराहा और महावीर मंदिर के आसपास 5 से 7 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और श्रद्धालु इस आयोजन में भाग ले रहे हैं। देखिए पटना के डाकबंगला चौराहे पर तैयारियों की तस्वीर… दूधिया रोशनी और लेजर से जगमग डाक बंगला चौराहा डाक बंगला चौराहा को इस बार भव्य तरीके से सजाया गया है। पूरा इलाका एलईडी लाइट्स, लेजर इफेक्ट और डिजिटल मैपिंग से रोशन है। आसपास की इमारतों पर डिजिटल मैपिंग के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव दे रहा है। ड्रोन से पुष्प वर्षा, सांस्कृतिक झलकियों से सजेगी शोभायात्रा इस बार शोभायात्रा में तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम दिखेगा। ड्रोन के माध्यम से मुख्य मंच और शोभायात्रा पर गुलाब और गेंदे के फूलों की वर्षा की जाएगी। पटना के खाजपुरा, बोरिंग रोड, कंकड़बाग और चौक से 52 शोभायात्राएं निकलकर डाक बंगला चौराहा पहुंचेंगी। झांकियों में अयोध्या के साधु-संत, दक्षिण भारत के वाद्य यंत्र वादक, बनारस का डमरू दल, गंगा आरती टीम, मुंबई के प्रसिद्ध बैंड और झारखंड के नृत्य दल शामिल होंगे और अपनी प्रस्तुति देंगे। यह विविधता ही इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान कर रही है। 20-25 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण चौराहे के मुख्य स्थल पर भगवान श्रीराम, भगवान शिव और वीर हनुमान की 20-25 फीट ऊंची विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। फाइबर और मिट्टी से बनी ये मूर्तियां बेहद सजीव और आकर्षक हैं। पहली बार इतने भव्य स्तर पर प्रतिमाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शोभायात्राओं का होगा सम्मान हर वर्ष की तरह इस बार भी नितिन नवीन और अन्य अतिथि विभिन्न अखाड़ों और झांकियों के संचालकों को ‘पाग’ (पगड़ी) और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करेंगे। मुख्य मंच पर राज्य और देश की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित कई केंद्रीय मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही प्रसिद्ध अभिनेता एवं सांसद अरुण गोविल (रामायण में भगवान राम की भूमिका) और भोजपुरी के लोकप्रिय कलाकार एवं सांसद मनोज तिवारी की उपस्थिति आयोजन को विशेष बनाएगी। हाईटेक सुरक्षा: 500 CCTV, 10 ड्रोन और 1500 जवान तैनात भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए 20 से अधिक मेडिकल कैंप और वाटर स्टेशन (प्याऊ) भी लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आस्था, संस्कृति और मर्यादा का संदेश नितिन नवीन ने कल प्रेस वार्ता कर बताया था कि रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और मर्यादा का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के आदर्श सत्य, धर्म और न्याय को जन-जन तक पहुंचाने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अनुशासन बनाए रखें और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें। राजधानी पटना इस बार रामनवमी पर पूरी तरह ‘राममय’ हो चुका है। डाक बंगला चौराहा पर आयोजित भव्य शोभायात्रा अपने विशाल स्वरूप, तकनीकी नवाचार और अभूतपूर्व तैयारियों के चलते पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है। रामनवमी पर इस बार का आयोजन हर मायने में ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ नजर आ रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन पहली बार बतौर शोभायात्रा संयोजक इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। वे दो दिन पहले ही पटना पहुंचकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, डाक बंगला चौराहा और महावीर मंदिर के आसपास 5 से 7 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और श्रद्धालु इस आयोजन में भाग ले रहे हैं। देखिए पटना के डाकबंगला चौराहे पर तैयारियों की तस्वीर… दूधिया रोशनी और लेजर से जगमग डाक बंगला चौराहा डाक बंगला चौराहा को इस बार भव्य तरीके से सजाया गया है। पूरा इलाका एलईडी लाइट्स, लेजर इफेक्ट और डिजिटल मैपिंग से रोशन है। आसपास की इमारतों पर डिजिटल मैपिंग के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव दे रहा है। ड्रोन से पुष्प वर्षा, सांस्कृतिक झलकियों से सजेगी शोभायात्रा इस बार शोभायात्रा में तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम दिखेगा। ड्रोन के माध्यम से मुख्य मंच और शोभायात्रा पर गुलाब और गेंदे के फूलों की वर्षा की जाएगी। पटना के खाजपुरा, बोरिंग रोड, कंकड़बाग और चौक से 52 शोभायात्राएं निकलकर डाक बंगला चौराहा पहुंचेंगी। झांकियों में अयोध्या के साधु-संत, दक्षिण भारत के वाद्य यंत्र वादक, बनारस का डमरू दल, गंगा आरती टीम, मुंबई के प्रसिद्ध बैंड और झारखंड के नृत्य दल शामिल होंगे और अपनी प्रस्तुति देंगे। यह विविधता ही इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान कर रही है। 20-25 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनीं आकर्षण चौराहे के मुख्य स्थल पर भगवान श्रीराम, भगवान शिव और वीर हनुमान की 20-25 फीट ऊंची विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। फाइबर और मिट्टी से बनी ये मूर्तियां बेहद सजीव और आकर्षक हैं। पहली बार इतने भव्य स्तर पर प्रतिमाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शोभायात्राओं का होगा सम्मान हर वर्ष की तरह इस बार भी नितिन नवीन और अन्य अतिथि विभिन्न अखाड़ों और झांकियों के संचालकों को ‘पाग’ (पगड़ी) और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करेंगे। मुख्य मंच पर राज्य और देश की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित कई केंद्रीय मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही प्रसिद्ध अभिनेता एवं सांसद अरुण गोविल (रामायण में भगवान राम की भूमिका) और भोजपुरी के लोकप्रिय कलाकार एवं सांसद मनोज तिवारी की उपस्थिति आयोजन को विशेष बनाएगी। हाईटेक सुरक्षा: 500 CCTV, 10 ड्रोन और 1500 जवान तैनात भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए 20 से अधिक मेडिकल कैंप और वाटर स्टेशन (प्याऊ) भी लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आस्था, संस्कृति और मर्यादा का संदेश नितिन नवीन ने कल प्रेस वार्ता कर बताया था कि रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और मर्यादा का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के आदर्श सत्य, धर्म और न्याय को जन-जन तक पहुंचाने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अनुशासन बनाए रखें और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें।  

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