रामनवमी पर्व को लेकर मधुबनी जिले में पुलिस ने डीजे जब्ती का व्यापक अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेन्द्र कुमार के निर्देश पर चलाए गए जिले जे 40 थाना क्षेत्रों में इस अभियान में बिना अनुमति के चल रहे कुल 115 डीजे और साउंड सिस्टम जब्त किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उच्च न्यायालय और सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति के तेज ध्वनि वाले डीजे और साउंड सिस्टम का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। पिछले वर्षों में डीजे के अत्यधिक उपयोग से शोर-शराबे और आपसी विवाद की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके मद्देनजर इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को पर्व से पहले ही संभावित खतरों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई एसपी ने प्रेस के माध्यम से बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें जुर्माना, मुकदमा दर्ज करना और अन्य दंड शामिल हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वयं जागरूक रहने और बिना अनुमति डीजे का उपयोग न करने की अपील की। जिले के झंझारपुर, राजनगर, बिस्फी और सदर क्षेत्रों में सबसे अधिक डीजे जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह अभियान का पहला चरण है और पर्व के दौरान भी लगातार चेकिंग जारी रहेगी। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन निगरानी, पीसीआर वाहनों की तैनाती और थानों पर अतिरिक्त बल लगाया गया है। धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक स्तर पर चला जागरूकता अभियान पुलिस ने सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें पंडाल समितियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है, उनका मानना है कि इससे पर्व भक्तिमय माहौल में संपन्न होगा। कुल मिलाकर, मधुबनी पुलिस का यह अभियान शांति व्यवस्था को मजबूत करने और पर्व को निर्बाध रूप से संपन्न कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रामनवमी पर्व को लेकर मधुबनी जिले में पुलिस ने डीजे जब्ती का व्यापक अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेन्द्र कुमार के निर्देश पर चलाए गए जिले जे 40 थाना क्षेत्रों में इस अभियान में बिना अनुमति के चल रहे कुल 115 डीजे और साउंड सिस्टम जब्त किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उच्च न्यायालय और सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति के तेज ध्वनि वाले डीजे और साउंड सिस्टम का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। पिछले वर्षों में डीजे के अत्यधिक उपयोग से शोर-शराबे और आपसी विवाद की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके मद्देनजर इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को पर्व से पहले ही संभावित खतरों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई एसपी ने प्रेस के माध्यम से बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें जुर्माना, मुकदमा दर्ज करना और अन्य दंड शामिल हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वयं जागरूक रहने और बिना अनुमति डीजे का उपयोग न करने की अपील की। जिले के झंझारपुर, राजनगर, बिस्फी और सदर क्षेत्रों में सबसे अधिक डीजे जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह अभियान का पहला चरण है और पर्व के दौरान भी लगातार चेकिंग जारी रहेगी। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन निगरानी, पीसीआर वाहनों की तैनाती और थानों पर अतिरिक्त बल लगाया गया है। धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक स्तर पर चला जागरूकता अभियान पुलिस ने सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें पंडाल समितियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है, उनका मानना है कि इससे पर्व भक्तिमय माहौल में संपन्न होगा। कुल मिलाकर, मधुबनी पुलिस का यह अभियान शांति व्यवस्था को मजबूत करने और पर्व को निर्बाध रूप से संपन्न कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


