मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान गुरुवार को बिहार शरीफ में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भैंसासुर मंदिर के पास सीएम के कारकेड के सामने अचानक एक छोटी बच्ची आ गई। मौके पर तैनात महिला कांस्टेबल सोनी प्रियदर्शी ने अदम्य साहस और ‘प्रेजेंस ऑफ माइंड’ का परिचय देते हुए सड़क से बच्ची को सुरक्षित हटा लिया। इस साहसिक कार्य के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग उन्हें सम्मानित करेगा। फ्लाईओवर उद्घाटन के दौरान मची अफरा-तफरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिले को 810 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात देने पहुंचे थे। उनका काफिला जैसे ही भैंसासुर मंदिर के पास नवनिर्मित फ्लाईओवर के उद्घाटन के लिए आगे बढ़ा, तभी एक मासूम बच्ची अचानक सुरक्षा घेरे को पार कर सीधे कारकेड की तरफ बढ़ने लगी।
प्रशिक्षु महिला सिपाही ने दिखाया साहस सुरक्षा में तैनात प्रशिक्षु महिला सिपाही सोनी प्रियदर्शी ने पलक झपकते ही स्थिति को भांप लिया और फुर्ती से बच्ची को झपट कर किनारे कर लिया। सोनी प्रियदर्शी मूल रूप से औरंगाबाद जिले में प्रशिक्षु के तौर पर कार्यरत हैं। वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर नालंदा आई हुई हैं। उनकी इस तत्परता ने न केवल बच्ची की जान बचाई, बल्कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में होने वाली एक बड़ी अनहोनी को भी टाल दिया। एसपी ने की प्रशंसा, दिया जाएगा सम्मान नालंदा के एसपी भारत सोनी ने महिला सिपाही की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोनी प्रियदर्शी ने अपने सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना को रोक दिया है। उनके इस साहसी कार्य के लिए जिला प्रशासन और नालंदा पुलिस उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान गुरुवार को बिहार शरीफ में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भैंसासुर मंदिर के पास सीएम के कारकेड के सामने अचानक एक छोटी बच्ची आ गई। मौके पर तैनात महिला कांस्टेबल सोनी प्रियदर्शी ने अदम्य साहस और ‘प्रेजेंस ऑफ माइंड’ का परिचय देते हुए सड़क से बच्ची को सुरक्षित हटा लिया। इस साहसिक कार्य के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग उन्हें सम्मानित करेगा। फ्लाईओवर उद्घाटन के दौरान मची अफरा-तफरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिले को 810 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात देने पहुंचे थे। उनका काफिला जैसे ही भैंसासुर मंदिर के पास नवनिर्मित फ्लाईओवर के उद्घाटन के लिए आगे बढ़ा, तभी एक मासूम बच्ची अचानक सुरक्षा घेरे को पार कर सीधे कारकेड की तरफ बढ़ने लगी।
प्रशिक्षु महिला सिपाही ने दिखाया साहस सुरक्षा में तैनात प्रशिक्षु महिला सिपाही सोनी प्रियदर्शी ने पलक झपकते ही स्थिति को भांप लिया और फुर्ती से बच्ची को झपट कर किनारे कर लिया। सोनी प्रियदर्शी मूल रूप से औरंगाबाद जिले में प्रशिक्षु के तौर पर कार्यरत हैं। वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर नालंदा आई हुई हैं। उनकी इस तत्परता ने न केवल बच्ची की जान बचाई, बल्कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में होने वाली एक बड़ी अनहोनी को भी टाल दिया। एसपी ने की प्रशंसा, दिया जाएगा सम्मान नालंदा के एसपी भारत सोनी ने महिला सिपाही की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोनी प्रियदर्शी ने अपने सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना को रोक दिया है। उनके इस साहसी कार्य के लिए जिला प्रशासन और नालंदा पुलिस उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत करेगी।


