Deepak Tijori Slams Half Muting Dhurandhar 2: फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ की कामयाबी के बाद एक नई बहस उठने लगी है। एक्टर और निर्देशक दीपक तिजोरी ने इस फिल्म के थिएटरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले वर्जन के बीच अलग-अलग सेंसरशिप पर सवाल उठाए हैं।
फिल्मों में गालियों को म्यूट करना या पूरी तरह हटाना समझ से है बाहर
निर्देशक दीपक तिजोरी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि फिल्मों में गालियों को आधा म्यूट करना या पूरी तरह हटाना समझ से बाहर है। उनके अनुसार जब किसी फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिल जाता है, यानी वो केवल बड़ों के लिए है, तो गालियों को म्यूट करने का कोई मतलब नहीं रह जाता। वो पूछते हैं कि आखिर किससे बचाया जा रहा है और क्यों कुछ शब्दों को म्यूट किया जाता है जबकि बाकी को खुला छोड़ दिया जाता है।
इतना ही नहीं, उन्होंने खासतौर पर थिएटर और ओटीटी पर रिलीज वर्जन में अंतर पर चिंता जताई। उनका कहना है कि थिएटरों में जो फिल्म म्यूट करके दिखाई जाती है, वही फिल्म थोड़े समय बाद ओटीटी पर बिना किसी कट के पूरी आवाज में दर्शकों के सामने आती है। तिजोरी ने लिखा कि इससे बड़े और छोटे दोनों ही उम्र के लोग कमेंट पढ़कर या सुनकर फिल्म का आनंद ले सकते हैं।
‘धुरंधर 2’ को सेंसर बोर्ड से ‘ए’ सर्टिफिकेट मिला है
फिल्म ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) को सेंसर बोर्ड से ‘ए’ सर्टिफिकेट मिला है और सर्टिफिकेट मिलने से पहले फिल्म में हिंसक सीन पर कई कट लगे, जिसमें आंख निकालने, सिर काटने जैसे सीन शामिल थे। इसके अलावा छोटे-छोटे बदलाव जैसे कुछ जगहों के नाम भी बदलना पड़ा। दरअसल, भारत में फिल्म की लंबाई लगभग 3 घंटे 49 मिनट है और कई बदलावों के बाद ये विदेशी वर्जन से लगभग 6 मिनट छोटी है।
बता दें, फिल्म में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, आर माधवन और संजय दत्त जैसे बड़े स्टार्स पिछली सफलता के साथ फिर नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट के बाद आगे बढ़ती है।
फिल्म ‘धुरंधर 2’ की कहानी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू जसकीरत के हमजा बनने की परिस्थितीयां है।‘धुरंधर 2’ में ये दिखाया गया है कि कैसे एक सामान्य युवक को अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मुश्किल रास्ता चुनने पर मजबूर हो जाता हैं। यही भावनात्मक गहराई फिल्म को दर्शकों से जोड़ती है।



