देहात थाना पुलिस ने पार्सल छुड़ाने के नाम पर 1.04 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। 18 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल कर क्यूआर कोड से रुपए ट्रांसफर करवाए थे। आरोपी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। एक आरोपी पुलिस भर्ती का फिजिकल टेस्ट देने मुंबई गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। पार्सल घर भेजने का दिया झांसा देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि 18 दिसंबर 2025 को फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल आया था। ठगों ने झांसा दिया कि उनका पार्सल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है, जिसे छुड़ाने के लिए रुपए लगेंगे। इसके बाद क्यूआर कोड भेजकर पार्सल घर डिलीवर होने का दावा किया और धोखे से 1,04,500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फरियादी ने थाने में एफआईआर कराई थी। तकनीकी साक्ष्यों से ट्रेस कर औरंगाबाद और जालना से दबोचा आरोपियों ने तकनीकी संसाधनों से धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जालना से दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपी शिवम घोसीर (22) हिंगोली (वर्तमान- सिडको, औरंगाबाद) और तानाजी राठौर (30) जालना का रहने वाला है। दोनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। तानाजी फिजिकल टेस्ट के लिए मुंबई गया था, जहाँ से पुलिस ने उसे पकड़ा। एसपी ने दिया पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम साइबर फ्रॉड के आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को एसपी साईंकृष्णा थोटा ने 10 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ पाण्डे, सउनि लक्ष्मण अमोत्या, सउनि प्रवीण शर्मा, आरक्षक चेतन नरवरे, नर्मदाप्रसाद निमोदा, सुनील साहू, जितेंद्र शेषकर और सायबर सेल के सागर कुशवाह का योगदान रहा।


