Assam Elections 2026: असम में आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई के करीबी सहयोगी समेत 100 से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर असम गण परिषद (एजीपी) में शामिल हो गए।
पिंकू कलिता भी हुए AGP में शामिल
दल बदलने वालों में कालियाबोर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पिंकू कलिता भी शामिल हैं, जिनका यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में अहम माना जा रहा है। पिंकू कलिता अपने समर्थकों के साथ एजीपी में शामिल हुए। इस दौरान राज्य के वरिष्ठ नेता और मंत्री केशव महंता भी मौजूद रहे। केशब महंता ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कालियाबोर में पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एजीपी में आना क्षेत्र में बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत है।
रायजोर दल को सीट देने से थे कार्यकर्ता नाराज
सूत्रों के मुताबिक, कालियाबोर सीट को कांग्रेस द्वारा अपने सहयोगी रायजोर दल को देने के फैसले से स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। इसी वजह से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। पिंकू कलिता ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय कालियाबोर के लोगों के हित में लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाओं को नजरअंदाज किया।
AGP ने कहा- हम असम के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने यह भी कहा कि एजीपी, एनडीए का हिस्सा होने के नाते असम के हितों की रक्षा और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटनाक्रम कालियाबोर की राजनीति को प्रभावित कर सकता है, जिसे अब तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। चुनाव नजदीक आते ही असम में दल-बदल और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
9 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को नतीजे
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में होंगे। मतगणना 4 मई 2026 को होगी। वर्तमान में भाजपा नीत एनडीए सरकार सत्ता में है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने का प्रयास कर रही है। इस चुनाव में घुसपैठ, बेदखली, एनआरसी-सीएए, विकास-रोजगार, असमिया पहचान, बाल विवाह और जुबिन गर्ग की मौत जैसे मुद्दे केंद्र में हैं। ये मुद्दे असम की राजनीति को ध्रुवीकृत करने वाले हैं।


