Middle East Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने की अवधि को 10 दिन के लिए और बढ़ा दिया है, जो अब यह 6 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी। ट्रंप ने यह दावा किया है कि उनकी तरफ से यह कदम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच दोनों पक्षों के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ताओं के तहत उठाया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट में दावा किया कि यह घोषणा ईरानी सरकार के अनुरोध पर की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान के साथ वार्ता बहुत अच्छी तरह चल रही है। उन्होंने मीडिया पर गलत बयान देने का आरोप लगाते हुए आलोचना भी की।
उन्होंने लिखा, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध के अनुसार, कृपया इस बयान को इस रूप में स्वीकार करें। मैं ऊर्जा संयंत्रों के विनाश की अवधि को 10 दिनों के लिए, 6 अप्रैल 2026, रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक रोक रहा हूं। बातचीत जारी है। फेक न्यूज मीडिया और अन्य लोगों के विपरीत दावों के बावजूद, यह बहुत अच्छी तरह चल रही है।’
ट्रंप ने पहले पांच दिन टाली थी सैन्य कार्रवाई
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा स्थलों पर किसी भी सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा था कि यह निर्णय तेहरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में तनाव को समाप्त करना है। उन्होंने इन वार्ताओं को गहन, विस्तृत और रचनात्मक बताया और कहा कि यह पूरे सप्ताह जारी रहेंगी।
ईरान पर 28 फरवरी को किया गया था हमला
यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हो रहा है, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद तेज हुआ था। इन हमलों में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री मार्गों में बाधा आई और वैश्विक ऊर्जा बाजार तथा अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। इस संघर्ष के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लगभग बंद कर दिया है।


