जयपुर। ईरान-इजरायल और अमरीका तनाव के बीच राजस्थान में हालात की समीक्षा के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। शुरुआती दिनों में रसोई गैस की ओवर बुकिंग के कारण 3–4 दिन दबाव रहा, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में बताया गया कि प्रदेश में फिलहाल 5 दिन का घरेलू गैस, 14 दिन का कमर्शियल गैस और 7–14 दिन का पेट्रोल-डीजल का एडवांस स्टॉक है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस का आवंटन 10% बढ़ाया है। ऐसे में किसी तरह आपात स्थिति नहीं है।
कालाबाजारी पर सरकार सख्त
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह स्थिति किसी सरकार या दल के कारण नहीं है। प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक है और प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। सीएम ने कहा कि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनता से सतर्क रहने, लेकिन घबराने से बचने की अपील की।
बैठक में ये लोग हुए शामिल
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विधायक रामकेश मीणा, राजेन्द्र पारीक, श्रीचंद कृपलानी, सुभाष गर्ग, अशोक कोठारी मौजूद रहे। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, विधायक थावर चंद वीसी के माध्यम से जुड़े।
वैकल्पिक साधन बढ़ाए सरकार: जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार वैकल्पिक साधनों को बढ़ाए। उन्होंने शादी-समारोह व उद्योगों में बाधा नहीं आने देने पर जोर दिया। साथ ही गैस के लिए लग रही लाइनों को खत्म करने के निर्देश देने की मांग की।
45 दिन की बुकिंग को कम किया जाए: न्यांगली
बसपा विधायक मनोज न्यांगली ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर आपूर्ति की 45 दिन की अवधि कम करने की बात कही। साथ ही किसानों को डीजल उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतें दूर करने की मांगी की।
बुकिंग घटी, सप्लाई जारी
बैठक में बताया गया कि पहले रसोई गैस की बुकिंग 5 लाख तक पहुंच गई थी, जिससे दबाव बना। अब यह घटकर औसतन 2.70 लाख प्रतिदिन रह गई है, जबकि सप्लाई करीब 2.30 लाख की जा रही है। एडवांस स्टॉक भी बढ़कर 5 दिन का हो गया है। ऐसे में अब किसी तरह की कोई कमी नहीं रही है।


