सागर | उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा जिला पंचायत सभागार में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत दो दिवसीय कार्यशाला-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें उद्यानिकी फसलों की नवीन तकनीक, फ्रूट फॉरेस्ट्री और हाइड्रोपोनिक पर जानकारी दी गई। वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि अधिकारी आशीष त्रिपाठी ने आधुनिक तकनीकों के उपयोग और फसलों के संरक्षण पर जोर दिया। युवा कृषक आकाश चौरसिया ने जलसंकट को देखते हुए मल्टी लेयर खेती और जल प्रबंधन की आवश्यकता बताई। उपसंचालक उद्यान पीएस बडोले ने मौसम के अनुसार खेती कर अधिक आय अर्जित करने के उपाय समझाए। दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक केएस यादव ने जैविक खेती को स्वास्थ्य और आय दोनों के लिए लाभकारी बताया। कृषि महाविद्यालय रहली की डीन रश्मि पांडे ने खाद्य प्रसंस्करण को आधुनिक समय की जरूरत बताते हुए टमाटर, प्याज व मोरिंगा उत्पादों में संभावनाएं बताईं। मयंक मेहरा ने पीएमएफएमई योजना के तहत स्वरोजगार और ब्रांडिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। जन अभियान परिषद के केके मिश्रा ने सामुदायिक सहभागिता से ग्रामीण विकास पर जोर दिया। कार्यशाला में 250 से अधिक किसान, उद्यमी और महिला कृषक शामिल हुए।


