डुमरिया घाट पर अटल स्मृति पार्क के लिए वन विभाग की पहल तेज, भूमि चयन पूरा

सिटी रिपोर्टर|गोपालगंज डुमरिया घाट स्थित नारायणी रिवर फ्रंट को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम पहल शुरू हो गई है। वन प्रमंडल गोपालगंज की ओर से यहां ‘अटल स्मृति पार्क’ के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पार्क के भीतर नवग्रह वाटिका, नक्षत्र वाटिका और मोक्ष वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इससे यह स्थल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। वन प्रमंडल पदाधिकारी मेघा यादन के स्तर से जारी पत्र के अनुसार, परियोजना को लेकर आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। डुमरिया घाट स्थित नारायणी रिवर फ्रंट परिसर में पार्क निर्माण के लिए स्थल का चयन कर लिया गया है। अंचल कार्यालय द्वारा भूमि संबंधी जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध करा दी गई है। इसमें चयनित जमीन को परियोजना के लिए उपयुक्त बताया गया है। पर्यावरण को बढ़ावा वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां पार्क विकसित होने से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। नवग्रह और नक्षत्र वाटिका में धार्मिक मान्यताओं से जुड़े पौधों का रोपण किया जाएगा, जबकि मोक्ष वाटिका को विशेष रूप से आध्यात्मिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सिटी रिपोर्टर|गोपालगंज डुमरिया घाट स्थित नारायणी रिवर फ्रंट को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम पहल शुरू हो गई है। वन प्रमंडल गोपालगंज की ओर से यहां ‘अटल स्मृति पार्क’ के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पार्क के भीतर नवग्रह वाटिका, नक्षत्र वाटिका और मोक्ष वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इससे यह स्थल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। वन प्रमंडल पदाधिकारी मेघा यादन के स्तर से जारी पत्र के अनुसार, परियोजना को लेकर आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। डुमरिया घाट स्थित नारायणी रिवर फ्रंट परिसर में पार्क निर्माण के लिए स्थल का चयन कर लिया गया है। अंचल कार्यालय द्वारा भूमि संबंधी जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध करा दी गई है। इसमें चयनित जमीन को परियोजना के लिए उपयुक्त बताया गया है। पर्यावरण को बढ़ावा वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां पार्क विकसित होने से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। नवग्रह और नक्षत्र वाटिका में धार्मिक मान्यताओं से जुड़े पौधों का रोपण किया जाएगा, जबकि मोक्ष वाटिका को विशेष रूप से आध्यात्मिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।  

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