Narhari Zirwal Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर निजी वीडियो कांड ने खलबली मचा दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और मंत्री नरहरि जिरवाल का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो जिरवाल के सरकारी आवास का है, जिसमें वे दो अन्य व्यक्तियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी उनके इस्तीफे की मांग कर दी है।
इस वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और इसकी सत्यता की जांच की मांग भी उठ रही है। वीडियो में मंत्री के साथ एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है। हालांकि यह वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और इसे किसने वायरल किया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले नरहरि जिरवाल अपने कार्यालय के एक क्लर्क से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले को लेकर पहले से चर्चा में है। अब इस नए वीडियो विवाद ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
इस पूरे मामले पर पक्ष-विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नरहरि जिरवाल पहले भी गलत कारणों से सुर्खियों में रहे हैं। इससे पहले उनके कार्यालय से भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था और अब यह आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है। ऐसे में जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, उन्हें नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
वहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर कहा कि किसी की निजी जिंदगी में दखल देकर बेडरूम का वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना सही नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में विशेष रूप से भाजपा के सत्ता में आने के बाद से, महाराष्ट्र में राजनीति, आध्यात्मिकता और हिंदुत्व का पतन हुआ है। राउत ने यह भी कहा कि संबंधित पार्टी व व्यक्तियों को इस पर पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, उसके बाद ही इस पर प्रतिक्रिया देना ठीक रहेगा।
इस विवाद के बीच राज्य की राजनीति में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि एनसीपी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं।
संकट में घिरे NCP के चौथे बड़े नेता
गौरतलब है कि हाल के महीनों में एनसीपी (अजित पवार) के कई बड़े नेता विवादों में घिर चुके हैं। नरहरि जिरवाल मुश्किलों में फंसने वाले अपनी पार्टी के चौथे मंत्री बन गए हैं। इससे पहले सरपंच संतोष देशमुख हत्या मामले में धनंजय मुंडे को मंत्री पद गंवाना पड़ा था। उनके बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी फ्लैट हड़पने के आरोप में माणिकराव कोकाटे को भी इस्तीफा देना पड़ा। हाल ही में ढोंगी बाबा अशोक खरात प्रकरण में घिरीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर अपना इस्तीफा सुनेत्रा पवार को सौंपना पड़ा था। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था। अब मंत्री नरहरि जिरवाल के वीडियो के कारण पार्टी की छवि पर सवाल उठे हैं।


