mp news: मध्यप्रदेश के सीहोर में गुरु-शिष्य की परंपरा को शर्मिंदा करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कॉलेज का प्रोफेसर छात्रा को बीमार होने पर अस्पताल ले जाने की जगह अपने साथ ले गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से आहत छात्रा ने अब अपने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की, गनीमत रही कि परिजन उसे वक्त पर अस्पताल लेकर पहुंच गए और उसकी जान बच गई। आरोप है कि छात्रा की शिकायत और छात्र संगठन NSUI के विरोध प्रदर्शन के बावजूद आरोपी प्रोफेसर पर राजनीतिक दबाव के कारण अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
तबीयत खराब होने पर प्रोफेसर अपने साथ ले गया…
पीड़िता छात्रा ने बताया कि एक दिन उसकी चंद्रशेखर आजाद कॉलेज में तबीयत खराब हो गई थी। तबीयत खराब होने के बाद कॉलेज के एक प्रोफेसर ने कहा कि चलो तुम्हें अस्पताल ले चलता हूं, लेकिन अस्पताल ले जाने के बजाए प्रोफेसर उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता के मुताबिक उसने पुलिस में भी प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब आरोपी प्रोफेसर उसे फोन कर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है जिसके कारण वो काफी डरने लगी और मानसिक तनाव हो गया। इसी मानसिक तनाव में उसने अपने हाथ की नस काटकर खुदकुशी करने की कोशिश की।
आरोप- राजनीतिक दबाव के कारण प्रोफेसर पर नहीं हुई कार्रवाई
जिस वक्त पीड़ित छात्रा ने घर में हाथ की नस काटकर खुदकुशी करने की कोशिश की घर पर परिवार के और भी सदस्य मौजूद थे। परिवार के सदस्य तुरंत छात्रा को अस्पताल लेकर पहुंचे और वक्त पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपी प्रोफेसर उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। बता दें कि इस मामले में छात्र संगठन NSUI ने भी कोतवाली थाना और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण अब तक आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


