दरभंगा के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में महिलाओं को आसान शर्तों पर लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी हुई है। ठगों ने खुद को “असिमिथा माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड” का अधिकारी बताकर 2 लाख से 5 लाख रुपये तक का लोन दिलाने का लालच दिया और दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों महिलाओं से पैसे वसूल कर फरार हो गए। गांव-गांव जाकर बनाया शिकार ठग गिरोह ने बिरौल, कुशेश्वरस्थान, बहेड़ी समेत दरभंगा और समस्तीपुर के कई गांवों में जाकर महिलाओं से संपर्क किया। उन्होंने कम ब्याज दर पर बिना ज्यादा कागजी प्रक्रिया के तुरंत लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में प्रत्येक महिला से करीब 5 हजार रुपये “प्रोसेसिंग फीस” और अन्य खर्च के नाम पर वसूले गए। 250-300 महिलाओं को लगाया चूना पीड़ित महिलाओं में मीना देवी, मुन्नी देवी, आरती देवी, सुधा देवी, माला देवी, किरण देवी, पचिया देवी, नीलम देवी, मनीषा देवी, सुनीता देवी समेत अन्य है। इन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके घर पहुंचकर भरोसा दिलाया था कि जल्द ही उनके खाते में 2 से 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। लेकिन तय समय बीतने के बाद जब खाते में पैसे नहीं आए, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। अनुमान है कि करीब 250 से 300 महिलाएं इस जाल में फंस गईं और ठग करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए। फर्जी ऑफिस खोलकर दिया भरोसा ठगों ने सुपौल बाजार स्थित खोरा गाछी रोड पर एक निजी मकान 18 मार्च को किराए पर लिया था, जिसका मासिक किराया 15 हजार रुपये तय किया गया। 24 मार्च को वहां “असिमिथा माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड” का बोर्ड लगाकर बाकायदा उद्घाटन भी किया गया, जिसमें कई महिलाओं को बुलाया गया था। इससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया। बैंक पहुंची महिलाएं, ताला लटका मिला गुरुवार को जब महिलाएं लोन की राशि की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचीं, तो वहां ताला लटका मिला और सभी मोबाइल नंबर बंद थे। यह देख महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं की शिकायत सुनी। बिरौल थाना अध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को उनके-अपने थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर पैसे न दें। लोन के लिए केवल अधिकृत बैंक या मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों से ही संपर्क करें। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती ठगी की घटनाओं और जागरूकता की कमी को उजागर करती है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है। दरभंगा के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में महिलाओं को आसान शर्तों पर लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी हुई है। ठगों ने खुद को “असिमिथा माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड” का अधिकारी बताकर 2 लाख से 5 लाख रुपये तक का लोन दिलाने का लालच दिया और दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों महिलाओं से पैसे वसूल कर फरार हो गए। गांव-गांव जाकर बनाया शिकार ठग गिरोह ने बिरौल, कुशेश्वरस्थान, बहेड़ी समेत दरभंगा और समस्तीपुर के कई गांवों में जाकर महिलाओं से संपर्क किया। उन्होंने कम ब्याज दर पर बिना ज्यादा कागजी प्रक्रिया के तुरंत लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में प्रत्येक महिला से करीब 5 हजार रुपये “प्रोसेसिंग फीस” और अन्य खर्च के नाम पर वसूले गए। 250-300 महिलाओं को लगाया चूना पीड़ित महिलाओं में मीना देवी, मुन्नी देवी, आरती देवी, सुधा देवी, माला देवी, किरण देवी, पचिया देवी, नीलम देवी, मनीषा देवी, सुनीता देवी समेत अन्य है। इन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके घर पहुंचकर भरोसा दिलाया था कि जल्द ही उनके खाते में 2 से 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। लेकिन तय समय बीतने के बाद जब खाते में पैसे नहीं आए, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। अनुमान है कि करीब 250 से 300 महिलाएं इस जाल में फंस गईं और ठग करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए। फर्जी ऑफिस खोलकर दिया भरोसा ठगों ने सुपौल बाजार स्थित खोरा गाछी रोड पर एक निजी मकान 18 मार्च को किराए पर लिया था, जिसका मासिक किराया 15 हजार रुपये तय किया गया। 24 मार्च को वहां “असिमिथा माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड” का बोर्ड लगाकर बाकायदा उद्घाटन भी किया गया, जिसमें कई महिलाओं को बुलाया गया था। इससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया। बैंक पहुंची महिलाएं, ताला लटका मिला गुरुवार को जब महिलाएं लोन की राशि की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचीं, तो वहां ताला लटका मिला और सभी मोबाइल नंबर बंद थे। यह देख महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं की शिकायत सुनी। बिरौल थाना अध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को उनके-अपने थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर पैसे न दें। लोन के लिए केवल अधिकृत बैंक या मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों से ही संपर्क करें। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती ठगी की घटनाओं और जागरूकता की कमी को उजागर करती है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है।


