Mumbai Musical Road: अब रात में नहीं सुनाई देगी ‘जय हो’ की धुन, देश की पहली म्यूजिकल रोड बंद

Mumbai Musical Road: अब रात में नहीं सुनाई देगी ‘जय हो’ की धुन, देश की पहली म्यूजिकल रोड बंद

भारत की पहली म्यूजिकल रोड (Melody Road) शुरू होने के डेढ़ महीने के भीतर ही विवादों में घिर गई। दरअसल गाड़ियों के गुजरने से बजने वाली ‘जय हो’ की धुन कोस्टल रोड के करीब रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। ब्रीच कैंडी इलाके के निवासियों ने इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से शिकायत की है। बढ़ती शिकायतों को देखते हुए मुंबई नगर निगम (BMC) ने इस सड़क के ‘डेसिबल स्तर’ (Noise Level) की जांच कराने का फैसला किया। हालांकि अब इस संबंध में बड़ा फैसला लिया गया है।

बीएमसी ने म्यूजिकल रोड को रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक पूरी तरह से बैरिकेड करने का निर्णय लिया है। इस दौरान इस पर से कोई भी वाहन नहीं चल सकेगा यानी रात में अब गाड़ियों की आवाज से निकलने वाली म्यूजिक जैसी आवाज स्थानीय लोगों को परेशान नहीं करेगी। इससे आसपास के लोगों की नींद और दैनिक जीवन पर पड़ रहा प्रभाव कम होगा। रात के समय लोग सुकून से सो पाएंगे।

हालांकि दिन में यह सड़क वैसे ही खुली रहेगी और लोग इसका अनुभव ले सकते हैं।

60-80 किमी की रफ्तार पर सुनाई देती है धुन

मुंबई के ब्रीच कैंडी इलाके में कोस्टल रोड पर बनी ‘म्यूजिकल रोड’ देश की ऐसी पहली रोड है, जहां गाड़ियों के टायरों और सड़क पर बने खास पैटर्न की वजह से गाने जैसी धुन निकलती हैं। शुरुआत में ये रोड लोगों के लिए एक अलग अनुभव और मजा था लेकिन धीरे-धीरे आसपास रहने वालों के लिए परेशानी का कारण बन गई।

यह खास म्यूजिकल रोड उस जगह से शुरू होती है, जहां वाहन ब्रीच कैंडी के अंडरग्राउंड टनल से बाहर निकलते हैं। सड़क के पहले लेन में करीब 500 मीटर तक विशेष ग्रूव (Grooves) बनाए गए हैं। जब वाहन इन ग्रूव्स पर 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हैं, तो फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर (Slumdog Millionaire) के मशहूर गीत ‘जय हो’ (Jai Ho Song) की धुन सुनाई देती है। यह धुन मुख्य रूप से वाहन के अंदर सुनाई देने के लिए डिजाइन की गई है, लेकिन अब आसपास के घरों तक भी इसकी आवाज पहुंचने की शिकायत सामने आई है।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि रात के समय यह धुन तेज सुनाई देती हैं, जिससे नींद में खलल पड़ती है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। कई लोगों ने बताया कि खासकर रात 10 बजे से सुबह तक आवाज बहुत ज्यादा हो जाती है और घर के अंदर भी यह महसूस होती है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सीधा असर पड़ता है।

निवासियों की बातों को गंभीरता से लेते हुए ब्रीच कैंडी की एएलएम (एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट) ने महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी कमिश्नर को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की थी। लोगों की लगातार अपील और शिकायतों के बाद बीएमसी ने रात में इसे बंद रखने का फैसला लिया। जिससे अब स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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