शिवराज बोले- समन्वय और शांति ही सबसे बड़ी आवश्यकता:रायसेन में कहा- दुनिया में युद्ध के हालात, शांति का रास्ता अपनाना चाहिए

शिवराज बोले- समन्वय और शांति ही सबसे बड़ी आवश्यकता:रायसेन में कहा- दुनिया में युद्ध के हालात, शांति का रास्ता अपनाना चाहिए

रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को वैश्विक तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के बड़े हिस्से में युद्ध के काले बादल छाए हुए हैं, लेकिन संघर्ष नहीं, बल्कि समन्वय और शांति ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रायसेन पहुंचे चौहान ने इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “दुनिया में युद्ध के हालात बन रहे हैं, लेकिन हमें लड़ाई नहीं, शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। घृणा नहीं, प्रेम ही समाधान है।” अपने दौरे की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने पाटन देव हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने बजरंगबली के साथ भगवान श्रीराम और अष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा कर आशीर्वाद लिया।
कहा- ‘एक ही चेतना सबमें है’
रामनवमी के संदेश का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि यह पर्व हमें एकता और समानता की सीख देता है। उन्होंने कहा, “एक ही चेतना सबमें है, पूरे जगत में वही भाव है।” चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल विकास की ओर बढ़ रहा है, बल्कि दुनिया को शांति और समन्वय का मार्ग भी दिखा रहा है।

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