गोपालगंज में गुरुवार को रामनवमी के अवसर पर बजरंग दल ने शोभायात्रा निकाली। श्रीराम मंदिर से शुरू हुए इस जुलूस में हजारों रामभक्त शामिल हुए, जिससे शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंगी दिखीं। जुलूस की शुरुआत हिंदू धर्म के जयघोष और शंखनाद से हुई। इसमें शामिल भक्तों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर “जय श्री राम” के नारे लगाए। शोभायात्रा में महावीरी झंडे, भगवान राम के चित्र वाले बैनर और विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां शामिल थीं। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों, जिनमें मौनिया चौक, अस्पताल रोड और पोस्ट ऑफिस मोड़ शामिल हैं, से होकर गुजरा। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया। विभिन्न मार्गों का भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा श्री राम मंदिर परिसर पहुंची, जहां यह एक धर्म सभा में बदल गई। वक्ताओं ने भगवान राम के जीवन मूल्यों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। सभा में शांतिपूर्ण आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी अनुशासन बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। विश्व हिंदू परिषद की ओर से शुक्रवार, 27 मार्च को भी रामनवमी का जुलूस और शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रशासन रामनवमी को लेकर पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन द्वारा तय रणनीति के अनुसार, जुलूस और शोभायात्रा निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि शोभायात्रा और जुलूस पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। वहीं देहात क्षेत्र में निकलने वाले राम नवमी जुलूस की वीडियोग्राफी करायी जायेगी, जिसकी बाद में मॉनीटरिंग की जायेगी। जुलूस को लेकर चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी और पुलिस के जवान जहां तैनात रहेंगे। वहीं जुलूस के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान असामाजिक तत्वों और हुड़दंग करने वालों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। गोपालगंज में गुरुवार को रामनवमी के अवसर पर बजरंग दल ने शोभायात्रा निकाली। श्रीराम मंदिर से शुरू हुए इस जुलूस में हजारों रामभक्त शामिल हुए, जिससे शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंगी दिखीं। जुलूस की शुरुआत हिंदू धर्म के जयघोष और शंखनाद से हुई। इसमें शामिल भक्तों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर “जय श्री राम” के नारे लगाए। शोभायात्रा में महावीरी झंडे, भगवान राम के चित्र वाले बैनर और विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां शामिल थीं। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों, जिनमें मौनिया चौक, अस्पताल रोड और पोस्ट ऑफिस मोड़ शामिल हैं, से होकर गुजरा। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया। विभिन्न मार्गों का भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा श्री राम मंदिर परिसर पहुंची, जहां यह एक धर्म सभा में बदल गई। वक्ताओं ने भगवान राम के जीवन मूल्यों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। सभा में शांतिपूर्ण आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी अनुशासन बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। विश्व हिंदू परिषद की ओर से शुक्रवार, 27 मार्च को भी रामनवमी का जुलूस और शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रशासन रामनवमी को लेकर पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन द्वारा तय रणनीति के अनुसार, जुलूस और शोभायात्रा निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि शोभायात्रा और जुलूस पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। वहीं देहात क्षेत्र में निकलने वाले राम नवमी जुलूस की वीडियोग्राफी करायी जायेगी, जिसकी बाद में मॉनीटरिंग की जायेगी। जुलूस को लेकर चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी और पुलिस के जवान जहां तैनात रहेंगे। वहीं जुलूस के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान असामाजिक तत्वों और हुड़दंग करने वालों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है।


