Middle East Conflict: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद विश्व के कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमले का ईरान की ओर से करारा जवाब दिया गया है। हालांकि, अब जंग को समाप्त करने की चर्चा शुरू हो गई है। कुछ इसी तरह का दावा अमेरिका की वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में लंबे समय तक चलने वाले युद्ध से बचना चाहते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने निजी तौर पर अपने सलाहकारों से कहा कि उन्हें लगता है कि जंग अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे सार्वजनिक रूप से उल्लिखित चार से छह सप्ताह की समयसीमा का पालन करें। यह समय सीमा संभवतः मई के मध्य में होने वाले उस शिखर सम्मेलन से पहले होगी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ निर्धारित किया है।
वे समझौता चाहते हैं, लेकिन कहने से डरते हैं: ट्रंप
एनआरसीसी के फंडरेजिंग डिनर के दौरान ट्रंप ने आठ युद्धों को रोकने का दावा किया। उन्होंने कहा, ‘हमने आठ युद्धों का निपटारा किया है। हम एक और युद्ध जीत रहे हैं। मध्य-पूर्व में ईरान के साथ जो हम कर रहे हैं, वैसा पहले किसी ने नहीं देखा। वे बातचीत कर रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन कहने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने ही लोग उन्हें मार डालेंगे। उन्हें यह भी डर है कि हम उन्हें मार डाल देंगे।’
अमेरिकी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता हमेशा शांति रही है। हालांकि, उनकी कड़ी धमकी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ईरान बातचीत करना चाहता है। अमेरिका पिछले तीन दिनों से सार्थक बातचीत में लगा हुआ है, जिसके चलते राष्ट्रपति ने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को ईरान के पॉवर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर नियोजित हमलों को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया है।
जंग का अंत तेहरान की शर्तों परः ईरान
उधर, ईरान ने मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान ने जोर दिया है कि जंग का अंत केवल तेहरान की अपनी शर्तों और समयसीमा पर होगा। साथ ही, ईरान ने यह भी कहा कि वह अपनी रक्षा करने और अपनी मांगें पूरी होने तक दुश्मन को करारा प्रहार देने के लिए दृढ़ संकल्पित है।


