भागलपुर के मायागंज में नवजात की मौत:स्टाफ और डॉक्टर पर गंभीर आरोप, पिता बोले- लापरवाही से मेरे बच्चे की जान चली गई

भागलपुर के मायागंज में नवजात की मौत:स्टाफ और डॉक्टर पर गंभीर आरोप, पिता बोले- लापरवाही से मेरे बच्चे की जान चली गई

भागलपुर में इलाज के दौरान मायागंज अस्पताल में एक नवजात की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर और स्टाफ पर लाहपरवाही का आरोप लगाया है। तारापुर निवासी विनीत कुमार ने बताया कि मुंगेर सदर अस्पताल में तीन दिन पहले बच्चे का जन्म हुआ था। हिचकी की शिकायत पर गुरुवार सुबह 6 बजे के करीब मायागंज लेकर पहुंचा था। डॉक्टरों ने मुझे आईसीयू में भेज दिया। कहा कि देखकर आयो बेड खाली है या नहीं। इस पर मैंने कहा कि मुझे रास्ता मासूम नहीं है। तब डॉक्टरों ने रास्ता बताया। बच्चे को उनके पास ही छोड़कर आईसीयू में बेड देखने चला गया। 5 मिनट बाद ही लौट आया, जब तक उसकी जान चली गई। प्रशासन से कार्रवाई की मांग विनित कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने पर अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की है। धक्का भी दिया है। डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से ही जान गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अस्पताल अधीक्षक से संपर्क नहीं हुआ परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल परिजनों की ओर से अभी थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। भागलपुर में इलाज के दौरान मायागंज अस्पताल में एक नवजात की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर और स्टाफ पर लाहपरवाही का आरोप लगाया है। तारापुर निवासी विनीत कुमार ने बताया कि मुंगेर सदर अस्पताल में तीन दिन पहले बच्चे का जन्म हुआ था। हिचकी की शिकायत पर गुरुवार सुबह 6 बजे के करीब मायागंज लेकर पहुंचा था। डॉक्टरों ने मुझे आईसीयू में भेज दिया। कहा कि देखकर आयो बेड खाली है या नहीं। इस पर मैंने कहा कि मुझे रास्ता मासूम नहीं है। तब डॉक्टरों ने रास्ता बताया। बच्चे को उनके पास ही छोड़कर आईसीयू में बेड देखने चला गया। 5 मिनट बाद ही लौट आया, जब तक उसकी जान चली गई। प्रशासन से कार्रवाई की मांग विनित कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने पर अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की है। धक्का भी दिया है। डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से ही जान गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अस्पताल अधीक्षक से संपर्क नहीं हुआ परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल परिजनों की ओर से अभी थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया गया है।  

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