Bihar Politics: जदयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार की सक्रियता काफी बढ़ गई है। वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से भी रोज़ाना मुलाकात कर रहे हैं। 2005 से अब तक अपने पिता द्वारा किए गए कार्यों को लोगों तक पहुंचाने का वे कार्यकर्ताओं को टास्क दे रहे हैं, साथ ही क्षेत्र की समस्याओं पर फीडबैक भी ले रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर वे विशेष ज़ोर दे रहे हैं।
एक्शन में निशांत
अपने पिता नीतीश कुमार की तरह ही निशांत कुमार ने भी अपनी एक कोर टीम बनाई है। इस टीम में विभिन्न क्षेत्रों और प्रभावशाली सामाजिक समूहों के नेताओं को जगह दी गई है। निशांत की टीम में फिलहाल 14 सदस्य हैं। इनमें 4 कुर्मी, 1 कोइरी, 3 राजपूत, 1 भूमिहार और 1 कायस्थ शामिल हैं। इसके अलावा दलित और EBC वर्ग से दो-दो सदस्यों को भी टीम में स्थान दिया गया है। निशांत इस टीम के साथ रोज़ाना बैठक कर पूरे दिन की योजना तय करते हैं। लोगों से मिलने वाले फीडबैक पर वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करते हैं और उसके आधार पर रणनीति तैयार करने को कहते हैं।
कार्यकर्ताओं के साथ बैठक
इसकी एक झलक बुधवार को बिहार के सारण प्रमंडल के जिलाध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों के साथ निशांत कुमार की बैठक में देखने को मिली। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सरकार के कामों को आम लोगों तक पहुंचाने का टास्क सौंपा और जनता से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने गोपालगंज, सीवान और छपरा जिलों में संगठन की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही संगठन के विस्तार को लेकर सभी के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक में मौजूद जिलाध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
हार्डकोर प्रोफेशनल्स के साथ निशांत
निशांत कुमार की टीम में शामिल विधायकों की औसत आयु 32 से 36 वर्ष के बीच है और इनमें अधिकांश वरिष्ठ नेताओं के बेटे-बेटियां हैं। इसके साथ ही टीम में कई हार्डकोर प्रोफेशनल्स को भी शामिल किया गया है, जो निशांत की गतिविधियों के साथ-साथ उनकी पब्लिसिटी का भी खास ध्यान रख रहे हैं।
सरल और शांत स्वभाव के निशांत को लेकर जदयू प्रवक्ता नवल शर्मा का कहना है कि निशांत कुमार सशक्त, साफ-सुथरी और संवेदनशील सोच वाले व्यक्ति हैं। उनकी सादगी, मर्यादा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाती है। वे कहते हैं कि नीतीश कुमार ने हमेशा राजनीति को सेवा का माध्यम माना है और वही मूल्य, वही दृष्टि तथा जनसेवा की भावना निशांत कुमार में भी दिखाई देती है, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।


