IAS संजीव हंस का मामला अब सिर्फ घूस लेने तक सीमित नहीं रहा। जांच में एक पूरा संगठित नेटवर्क सामने आया है। एक साल जेल में रहने के बाद फिलहाल जमानत पर बाहर हंस पर ईडी, एसवीयू और अब सीबीआई के केस दर्ज हैं। एक करोड़ घूस मामले में नया केस भी जुड़ा है। जांच एजेंसियों के दस्तावेज बताते हैं कि हंस ने सीधे पैसे लेने के बजाय अपने 9 करीबी लोगों का नेटवर्क तैयार किया। ये लोग बिचौलियों की तरह काम करते थे। ठेकेदारों और कारोबारियों से कमीशन लेते थे। फिर पैसे को हवाला और बैंक ट्रांसफर से आगे बढ़ाया जाता था। कई मामलों में अलग-अलग राज्यों में निवेश के संकेत मिले हैं। एजेंसियां इन्हें बेनामी संपत्ति मान रही हैं। जल संसाधन विभाग में पोस्टिंग के दौरान ‘एस सर’ कोड नाम से लेनदेन दर्ज मिला। ईडी के अनुसार, हर सदस्य की भूमिका तय थी। कोई पैसे जुटाता था, कोई ट्रांसफर करता था, तो कोई निवेश संभालता था। जब संजीव हंस जल संसाधन विभाग में पोस्टेड थे, तब उन्होंने ठेकेदारों से बड़े पैमाने पर कमीशन लिया। ईडी ने अपनी जांच में यह आरोप लगाया है। ईडी को कुछ डॉक्यूमेंट हाथ लगे हैं, जिसमें ‘एस सर’ और उसके आगे रकम लिखा था। मैत्रिसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार ने ईडी को बताया कि “एस सर” संजीव हंस को हमलोग कहते हैं। पूरे नेटवर्क में हर सदस्य की जिम्मेदारी पहले से तय
पुष्पराज बजाज: एनसीडीआरसी मामलों में अनुकूल आदेश दिलाने के लिए घूस का आरोप। एनपीए में बैंक अधिकारियों से समन्वय किया। ऊर्जा विभाग से जुड़े किकबैक में भूमिका सामने आई।
शादाब खान: एनसीडीआरसी केस में रिश्वत की रकम किस्तों में लेने का आरोप। हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन में शामिल रहे। यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंधन भी किया।
पवन कुमार: जल संसाधन विभाग में ठेकेदारों से कमीशन लेने का आरोप। बैंक ट्रांसफर के जरिए रकम आगे बढ़ाई। फर्जी बिल बनाकर नकदी जुटाने की भूमिका भी बताई गई। कमलकांत गुप्ता: खाते में ट्रांसफर हुई रकम को कमीशन बताया गया। मोहाली और कसौली में संपत्ति खरीद में नाम सामने आया।
गुलाब यादव (पूर्व विधायक): ठेका दिलाने के बदले नकद कमीशन लेने का आरोप। पोस्टिंग और ट्रांसफर में प्रभाव का इस्तेमाल किया। पुणे में सीएनजी प्रोजेक्ट में निवेश।
प्रवीण चौधरी: दिल्ली में महंगे फ्लैट की खरीद में भूमिका। ठेकेदारों और विभाग के बीच संपर्क बनाए। निजी खर्च भी संभाले।
सुनील कुमार सिन्हा: निर्देश पर बड़ी रकम बैंक और हवाला से ट्रांसफर की। महिला अधिवक्ता को करोड़ों के भुगतान में भूमिका सामने आई। लेनदेन के समन्वय में सक्रिय रहे।
देवेंद्र सिंह आनंद: एनसीडीआरसी मामले में रिश्वत की रकम का हिस्सा प्राप्त किया। बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर में कड़ी बने। नेटवर्क में वित्तीय लिंक के रूप में भूमिका रही।
विपुल बंसल: संजीव हंस के करीबी और संपर्क सूत्र के रूप में सक्रिय। बिल्डर्स और अधिकारियों के बीच कनेक्शन बनाए। अब जानिए संजीव हंस पर क्या-क्या आरोप पहले भी लगे हैं महिला वकील ने लगाया था गैंगरेप का आरोप सीनियर IAS संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव पर एक महिला ने रेप और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि अब वो संजीव हंस के बेटे की मां है। महिला का कहना है, ’मेरे साथ IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव ने गैंगरेप किया। मेरा मुंह बंद करने के लिए रेप का लाइव वीडियो बनाया। कभी धमकी देकर तो कभी नशे की दवा खिलाकर गैंगरेप किया। कई बार गर्भपात कराया, इसके बाद मेरा एक बच्चा हुआ, वह संजीव हंस का है।’ ये आरोप इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक महिला वकील ने 1997 बैच के IAS अधिकारी संजीव हंस पर लगाए थे। FIR हुई, हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा। संजीव हंस की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस केस को रद्द कर दिया। मतलब बरी कर दिया। इसी केस की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ। ED की एंट्री हुई, लेकिन जांच एजेंसी एक साल में ना चार्ज फ्रेम कर पाई और ना ट्रायल करा सकी। नतीजा हुआ कि 18 अक्टूबर 2025 को संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद 15 दिसंबर को उनका सस्पेंशन खत्म हुआ। 30 दिसंबर को सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी। संजीव हंस पर रेप का केस खत्म हो गया है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग में ED की जांच अभी जारी है। महिला ने IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व RJD विधायक गुलाब यादव पर पुणे और दिल्ली में गैंगरेप का आरोप लगाया। 16 नवंबर 2021 को दानापुर के ACJM कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के निर्देश पर 6 जनवरी 2023 को पटना के रूपसपुर थाने में FIR दर्ज हुई। महिला के आरोप, उसी की जुबानी… जो कोर्ट में दिए ‘मैं 2009 से वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हूं। 2016 में पटना आई थी। एक साथी वकील ने मेरी मुलाकात गुलाब यादव से कराई। गुलाब ने महिला आयोग का सदस्य बनाने का लालच देकर बायोडाटा के साथ बिंदेश्वरी अपार्टमेंट बुलाया। बताए गए पते पर पहुंची तो गुलाब यादव ने बंदूक की नोक पर मेरे साथ रेप किया। मैं पुलिस के पास शिकायत करने जा रही थी तो अपने नौकर से सिंदूर मंगाया और मेरी मांग भर दी। कहा कि अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लेगा। 8 जुलाई 2017 को गुलाब यादव ने पुणे के होटल बेस्टिल में अपने तलाक के पेपर दिखाने के लिए बुलाया। वहां उसने मेरी मुलाकात संजीव हंस के कराई। खाने में नशे की दवा मिला दिया। मैं बेहोश हो गई तो दोनों ने रेप किया। होश आया तो गुलाब ने मुझे रेप का वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी। मैं डर गई और इलाहाबाद में रहने लगी। उस समय प्रेग्नेंट हो गई थी। इसकी जानकारी गुलाब यादव को दी तो उसने गर्भपात करा दिया।’
वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए गुलाब यादव ने मुझे दिल्ली के अशोका होटल, पार्क एवेन्यू होटल और ले मेरिडियन होटल में अलग-अलग दिन बुलाया। वहां संजीव हंस भी मौजूद होते थे। दोनों ने मिलकर गैंगरेप किया। मैं गर्भवती हो गई। दोनों को इसकी जानकारी दी तो वे जान से मारने की धमकी देने लगे। 25 अक्टूबर को मुझे एक बेटा हुआ। ———- ये खबरें भी पढ़ें भास्कर इन्वेस्टिगेशन- ‘संजीव जी, बेटे के बर्थ-सर्टिफिकेट का क्या होगा’:जवाब- सिंगल मदर चाइल्ड लिखवा दो; IAS और रेप का आरोप लगाने वाली महिला की बातचीत का ऑडियो महिला ने कहा था-संजीव हंस ने नशा देकर रेप किया:16 महीने बाद IAS को मिली पोस्टिंग; गैंगरेप के आरोप से बहाली तक की कहानी IAS संजीव हंस का मामला अब सिर्फ घूस लेने तक सीमित नहीं रहा। जांच में एक पूरा संगठित नेटवर्क सामने आया है। एक साल जेल में रहने के बाद फिलहाल जमानत पर बाहर हंस पर ईडी, एसवीयू और अब सीबीआई के केस दर्ज हैं। एक करोड़ घूस मामले में नया केस भी जुड़ा है। जांच एजेंसियों के दस्तावेज बताते हैं कि हंस ने सीधे पैसे लेने के बजाय अपने 9 करीबी लोगों का नेटवर्क तैयार किया। ये लोग बिचौलियों की तरह काम करते थे। ठेकेदारों और कारोबारियों से कमीशन लेते थे। फिर पैसे को हवाला और बैंक ट्रांसफर से आगे बढ़ाया जाता था। कई मामलों में अलग-अलग राज्यों में निवेश के संकेत मिले हैं। एजेंसियां इन्हें बेनामी संपत्ति मान रही हैं। जल संसाधन विभाग में पोस्टिंग के दौरान ‘एस सर’ कोड नाम से लेनदेन दर्ज मिला। ईडी के अनुसार, हर सदस्य की भूमिका तय थी। कोई पैसे जुटाता था, कोई ट्रांसफर करता था, तो कोई निवेश संभालता था। जब संजीव हंस जल संसाधन विभाग में पोस्टेड थे, तब उन्होंने ठेकेदारों से बड़े पैमाने पर कमीशन लिया। ईडी ने अपनी जांच में यह आरोप लगाया है। ईडी को कुछ डॉक्यूमेंट हाथ लगे हैं, जिसमें ‘एस सर’ और उसके आगे रकम लिखा था। मैत्रिसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार ने ईडी को बताया कि “एस सर” संजीव हंस को हमलोग कहते हैं। पूरे नेटवर्क में हर सदस्य की जिम्मेदारी पहले से तय
पुष्पराज बजाज: एनसीडीआरसी मामलों में अनुकूल आदेश दिलाने के लिए घूस का आरोप। एनपीए में बैंक अधिकारियों से समन्वय किया। ऊर्जा विभाग से जुड़े किकबैक में भूमिका सामने आई।
शादाब खान: एनसीडीआरसी केस में रिश्वत की रकम किस्तों में लेने का आरोप। हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन में शामिल रहे। यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंधन भी किया।
पवन कुमार: जल संसाधन विभाग में ठेकेदारों से कमीशन लेने का आरोप। बैंक ट्रांसफर के जरिए रकम आगे बढ़ाई। फर्जी बिल बनाकर नकदी जुटाने की भूमिका भी बताई गई। कमलकांत गुप्ता: खाते में ट्रांसफर हुई रकम को कमीशन बताया गया। मोहाली और कसौली में संपत्ति खरीद में नाम सामने आया।
गुलाब यादव (पूर्व विधायक): ठेका दिलाने के बदले नकद कमीशन लेने का आरोप। पोस्टिंग और ट्रांसफर में प्रभाव का इस्तेमाल किया। पुणे में सीएनजी प्रोजेक्ट में निवेश।
प्रवीण चौधरी: दिल्ली में महंगे फ्लैट की खरीद में भूमिका। ठेकेदारों और विभाग के बीच संपर्क बनाए। निजी खर्च भी संभाले।
सुनील कुमार सिन्हा: निर्देश पर बड़ी रकम बैंक और हवाला से ट्रांसफर की। महिला अधिवक्ता को करोड़ों के भुगतान में भूमिका सामने आई। लेनदेन के समन्वय में सक्रिय रहे।
देवेंद्र सिंह आनंद: एनसीडीआरसी मामले में रिश्वत की रकम का हिस्सा प्राप्त किया। बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर में कड़ी बने। नेटवर्क में वित्तीय लिंक के रूप में भूमिका रही।
विपुल बंसल: संजीव हंस के करीबी और संपर्क सूत्र के रूप में सक्रिय। बिल्डर्स और अधिकारियों के बीच कनेक्शन बनाए। अब जानिए संजीव हंस पर क्या-क्या आरोप पहले भी लगे हैं महिला वकील ने लगाया था गैंगरेप का आरोप सीनियर IAS संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव पर एक महिला ने रेप और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि अब वो संजीव हंस के बेटे की मां है। महिला का कहना है, ’मेरे साथ IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव ने गैंगरेप किया। मेरा मुंह बंद करने के लिए रेप का लाइव वीडियो बनाया। कभी धमकी देकर तो कभी नशे की दवा खिलाकर गैंगरेप किया। कई बार गर्भपात कराया, इसके बाद मेरा एक बच्चा हुआ, वह संजीव हंस का है।’ ये आरोप इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक महिला वकील ने 1997 बैच के IAS अधिकारी संजीव हंस पर लगाए थे। FIR हुई, हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा। संजीव हंस की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस केस को रद्द कर दिया। मतलब बरी कर दिया। इसी केस की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ। ED की एंट्री हुई, लेकिन जांच एजेंसी एक साल में ना चार्ज फ्रेम कर पाई और ना ट्रायल करा सकी। नतीजा हुआ कि 18 अक्टूबर 2025 को संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद 15 दिसंबर को उनका सस्पेंशन खत्म हुआ। 30 दिसंबर को सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी। संजीव हंस पर रेप का केस खत्म हो गया है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग में ED की जांच अभी जारी है। महिला ने IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व RJD विधायक गुलाब यादव पर पुणे और दिल्ली में गैंगरेप का आरोप लगाया। 16 नवंबर 2021 को दानापुर के ACJM कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के निर्देश पर 6 जनवरी 2023 को पटना के रूपसपुर थाने में FIR दर्ज हुई। महिला के आरोप, उसी की जुबानी… जो कोर्ट में दिए ‘मैं 2009 से वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हूं। 2016 में पटना आई थी। एक साथी वकील ने मेरी मुलाकात गुलाब यादव से कराई। गुलाब ने महिला आयोग का सदस्य बनाने का लालच देकर बायोडाटा के साथ बिंदेश्वरी अपार्टमेंट बुलाया। बताए गए पते पर पहुंची तो गुलाब यादव ने बंदूक की नोक पर मेरे साथ रेप किया। मैं पुलिस के पास शिकायत करने जा रही थी तो अपने नौकर से सिंदूर मंगाया और मेरी मांग भर दी। कहा कि अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लेगा। 8 जुलाई 2017 को गुलाब यादव ने पुणे के होटल बेस्टिल में अपने तलाक के पेपर दिखाने के लिए बुलाया। वहां उसने मेरी मुलाकात संजीव हंस के कराई। खाने में नशे की दवा मिला दिया। मैं बेहोश हो गई तो दोनों ने रेप किया। होश आया तो गुलाब ने मुझे रेप का वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी। मैं डर गई और इलाहाबाद में रहने लगी। उस समय प्रेग्नेंट हो गई थी। इसकी जानकारी गुलाब यादव को दी तो उसने गर्भपात करा दिया।’
वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए गुलाब यादव ने मुझे दिल्ली के अशोका होटल, पार्क एवेन्यू होटल और ले मेरिडियन होटल में अलग-अलग दिन बुलाया। वहां संजीव हंस भी मौजूद होते थे। दोनों ने मिलकर गैंगरेप किया। मैं गर्भवती हो गई। दोनों को इसकी जानकारी दी तो वे जान से मारने की धमकी देने लगे। 25 अक्टूबर को मुझे एक बेटा हुआ। ———- ये खबरें भी पढ़ें भास्कर इन्वेस्टिगेशन- ‘संजीव जी, बेटे के बर्थ-सर्टिफिकेट का क्या होगा’:जवाब- सिंगल मदर चाइल्ड लिखवा दो; IAS और रेप का आरोप लगाने वाली महिला की बातचीत का ऑडियो महिला ने कहा था-संजीव हंस ने नशा देकर रेप किया:16 महीने बाद IAS को मिली पोस्टिंग; गैंगरेप के आरोप से बहाली तक की कहानी


