अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 27वां दिन है। ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है। न्यूज एजेंसी ANI ने यह जानकारी मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के हवाले से दी है। कॉन्सुलेट ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ‘मित्र देशों’ को होर्मुज से गुजरने की छूट है। ईरान पहले भी कह चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है। यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं। बाकी देशों को कुछ शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इससे पहले ईरान ने बुधवार रात दावा किया कि उसने अमेरिकी F/A-18 फाइटर जेट को मार गिराया, जो हिंद महासागर में क्रैश हो गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, यह कार्रवाई देश के दक्षिणी तटीय इलाके के पास की गई। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया। अमेरिका की धमकी- ईरान हार माने, नहीं तो बड़ा हमला करेंगे अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने हार नहीं मानी, तो उस पर पहले से भी ज्यादा जोरदार हमला किया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे हैं। अगर ईरान नहीं माना, तो उसे पहले से ज्यादा ताकत से हमला होगा। हालांकि, अमेरिका एक तरफ धमकी दे रहा है तो, दूसरी तरफ बातचीत भी जारी है। वहीं ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि वह ट्रम्प की शर्तों पर जंग खत्म नहीं करेगा। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने मध्यस्थ देशों के जरिए जो प्रस्ताव भेजा, वह धोखा है और जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और इसका मकसद सिर्फ दबाव बनाना है। ईरान ने कहा है कि युद्ध का अंत तभी होगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी। इसके लिए उसने 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं- ईरान ने यह भी कहा कि जब तक उसकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। उसका कहना है कि अमेरिका बार-बार अपनी शर्तें बदलता है, जबकि तेहरान अपने रुख पर स्थिर है। अमेरिका ने ईरान को 15 प्वाइंट का प्लान भेजा अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए 15 प्वाइंट का प्लान भेजा है। यह प्लान पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ इस बातचीत में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं ये शर्तें रखीं हैं… न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक और परमाणु हथियार विकसित न करने की गारंटी देना यूरेनियम संवर्धन को सीमित या पूरी तरह बंद करना और स्टॉक IAEA को सौंपना बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त नियंत्रण या कटौती करना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित रास्ता देना अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सभी न्यूक्लियर साइट्स तक पूरी और बिना शर्त पहुंच देना प्रमुख परमाणु ठिकानों जैसे नतांज, फोर्डो और इस्फहान को सीमित या खत्म करना हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी मिलिशिया को समर्थन कम या बंद करना क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों को कम करना और तनाव घटाना एक तय समय के लिए सीजफायर लागू करना ताकि बातचीत आगे बढ़ सके भविष्य में युद्ध न हो इसके लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना समुद्री और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करना ईरान की मिसाइल रेंज और इस्तेमाल को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करना बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह या चरणबद्ध तरीके से हटाना सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम और ऊर्जा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग देना मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति के लिए लंबी अवधि का रोडमैप लागू करना ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी:कुल 5 देशों के जहाज गुजर सकेंगे; अमेरिकी F-18 जेट गिराने का दावा


