पठानकोट में 2 लोगों से 9.41 लाख रुपए की ठगी:आरटीओ चालान और इंस्टाग्राम लिंक से फोन किए हैक, केस दर्ज, जांच जारी

पठानकोट में 2 लोगों से 9.41 लाख रुपए की ठगी:आरटीओ चालान और इंस्टाग्राम लिंक से फोन किए हैक, केस दर्ज, जांच जारी

पठानकोट में 2 दिनों में साइबर ठगी के 2 बड़े मामलों से हर कोई स्तब्ध है। जिसमें एक महिला अध्यापक के मोबाइल को हैकर्स ने इंस्टाग्राम लिंक से हैक कर 4.20 लाख का चूना लगाया और दूसरे मामले में एक अन्य शहरवासी से मोबाइल पर व्हाट्सएप में आरटीओ चालान का मैसेज भेज कर 5.21 लाख की ठगी की। दोनों मामलों की जांच साइबर थाना पुलिस कर रही है। बता दें, पठानकोट के साइबर क्राइम थाने में रोजाना ऑनलाइन और ऑफलाइन ठगी के 5-6 मामले पहुंच रहे हैं। जिसमें ठग सोशल मीडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, फर्जी कस्टमर केयर, व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। वहीं, साइबर क्राइम थाना की ओर से लोगों को विभिन्न साधनों से जागरूक किया जा रहा है। केस नंबर – 1
जिले में साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। जिले के बनीलोधी की रहने वाली महिला अध्यापिका अपने मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थी। इस दौरान अध्यापिका के फोन पर एक लिंक आया। अध्यापिका ने जैसे ही उस पर क्लिक किया। वैसे ही कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया और बस ओटीपी के मैसेज आने शुरू हो गए। कुछ समय बाद महिला अध्यापिका को पता चला कि उसके खाते से 4.20 लाख रुपये निकल गए। इसके बाद महिला ने अपने साथ हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत जिला पुलिस से की। जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ की रहने वाली अध्यापिका रीता देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थी। इंस्टाग्राम देखते हुए उसके फोन पर एक लिंक आया। उसने जैसे ही उस पर क्लिक किया तो फोन बंद हो गया। इसके बाद उसके फोन पर ओटीपी के मैसेज आने शुरू हो गए। महिला ने शिकायत में बताया कि इसके जरिए उसके खाते से 2 ट्रांजेक्शन के जरिए 4 लाख 20 हजार रुपये निकल गए। थाना साइबर क्राइम में अज्ञात पर केस दर्ज
अध्यापिका रीता देवी का कहना है कि कुछ देर बाद उसे समझ आया कि अज्ञात लोगों ने उसके साथ ठगी की है। जिसके बाद उसने पुलिस को मामले की सूचना दी। फिलहाल थाना साइबर क्राइम में महिला अध्यापिका की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। केस नंबर – 2
इसी तरह, शहर के अन्य व्यक्ति को मोबाइल पर व्हाट्सएप में आरटीओ चालान का मैसेज आया। जब उसने मैसेज के लिंक पर क्लिक किया तो वह एप फोन पर इंस्टॉल हो गया। इसके बाद उसके बैंक खाते से खुद ही पर्सनल लोन हो गया और तीन ट्रांजेक्शनों के जरिए 5.21 लाख रुपये ठगों द्वारा निकाल लिए गए। उस व्यक्ति को पैसे निकलने का फोन पर मैसेज आया तो उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारियों की टीम ने पीड़ित के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। व्यक्ति की पहचान गुप्त रखते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही पीड़ित ने व्हाट्सएप पर आए लिंक को क्लिक किया, एप उसके फोन पर खुद इंस्टॉल हो गया। इसके बाद हैकर्स को उसके फोन का एक्सेस मिल गया और उसके बैंक खाते से खुद ही पर्सनल लोन लिया गया और तीन ट्रांजेक्शनों के जरिए 5.21 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित व्यक्ति को जागरूक लोगों ने बताया कि उसके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। जिसके बाद व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी तो साइबर क्राइम थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। इससे पहले भी दर्ज हैं मामले
रोड सिग्नल जंप करने का आया मैसेज लिंक पर क्लिक करते ही उड़े 1.40 लाख
4 महीने पहले शहर की महिला को रेड सिग्नल जंप करने का फोन पर मैसेज आया था। मैसेज में बताया गया कि गाड़ी ने रेड सिग्नल जंप किया है। साथ ही गाड़ी की फोटो देखने के लिए लिंक दिया गया था। महिला सरिता देवी ने जैसे ही भेजे गए लिंक पर क्लिक किया तो उसके फोन में एप इंस्टॉल हो गया। जिसके चंद पलों में उसके क्रेडिट कार्ड से 1.40 लाख रुपये निकल गए।
सूझबूझ से बचे स्वर्णकार संघ के पूर्व प्रधान
हैकर्स ने स्वर्णकार सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व प्रधान अशोक बब्बर को उनके मोबाइल नंबर पर रेड लाइट जंप करने का व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर लिंक ओपन करने को कहा था। पूर्व प्रधान अशोक बब्बर ने जैसे ही लिंक खोला तो उन्हे ओटीपी आने शुरू हो गए। उनके मोबाइल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के अकाउंट हैक हो गए। उन्होंने तुरंत बैंक में जाकर अपने खाते सीज करवाए। जिससे वह ठगी से बच गए। एसएसपी का लोगों को सुझाव
एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि जो लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। उनमें कॉमन बात होती है कि वे लोग सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल ठगी के कुछ नए तरीके सामने आए हैं। इनमें लोग शादी के इन्वीटेशन वीडियो, गुड मॉर्निंग-गुड नाइट के मैसेज का वीडियो भेजा जाता है। क्लिक करते ही फोन हैंग हो जाता है और जिंदगी भर की कमाई ठगों के हाथों में चली जाती है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में अधिकतर लोग एंड्रायड फोन इस्तेमाल करने वाले होते हैं। आईफोन पर ठगी के मामले कम ही देखने को मिलते हैं। ऑनलाइन ठगी से सावधानी और बचाव
आजकल साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। नीचे कुछ जरूरी उपाय दिए गए हैं:
जरूरी सावधानियां
बिना वजह सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें
किसी भी अनजान लिंक (WhatsApp, SMS, Email) पर क्लिक न करें
फर्जी ऐप डाउनलोड करने से बचें, केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें
OTP, बैंक डिटेल, ATM PIN, CVV किसी के साथ शेयर न करें
सोशल मीडिया (Facebook, Instagram) पर आए संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें
फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर कॉल न करें आम ठगी के तरीके
RTO चालान या KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजना
बैंक या लोन ऑफर के नाम पर ऐप इंस्टॉल करवाना
Instagram/Facebook पर लिंक भेजकर अकाउंट हैक करना
QR कोड स्कैन करवाकर पैसे निकलवाना बचाव के उपाय
मोबाइल में एंटीवायरस/सिक्योरिटी ऐप रखें
बैंकिंग के लिए ऑफिशियल ऐप और वेबसाइट ही इस्तेमाल करें
फोन में स्क्रीन लॉक और ऐप लॉक जरूर लगाएं
समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें ठगी होने पर क्या करें?
तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और कार्ड/अकाउंट ब्लॉक करवाएं ध्यान रखें
जितना जरूरी क्लिक लगे, उतना ही ज्यादा सावधान रहें
ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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