गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित ‘कार्यकर्ता संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार अब बुलेट ट्रेन की स्पीड से दौड़ रही है और “पंचर साइकिल” कभी भी इसका मुकाबला नहीं कर पाएगी।
‘डबल इंजन की स्पीड के आगे साइकिल धराशायी’
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सपा पर तंज कसते हुए कहा, “हमारी सरकार बुलेट ट्रेन की रफ्तार वाली है। जब हम डबल स्पीड से चलेंगे, तो साइकिल का पंचर तो पंचर ही रहेगा, वह हमेशा के लिए धराशायी हो जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने जनता को उनके हक के लिए तरसाया था, आज प्रदेश की जनता ने उन्हें सत्ता के लिए तरसा दिया है।
सीएम ने गिनाई 9 सालों की उपलब्धियां
पहचान का संकट खत्म: पहले यूपी और गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग पांच कदम पीछे हट जाते थे, लेकिन आज यूपी की पहचान सम्मान से जुड़ी है।
इंसेफेलाइटिस का अंत: मासूमों की मौत पर पिछली सरकारों की संवेदना नहीं पिघलती थी, लेकिन मोदी-योगी की जोड़ी ने एम्स देकर इस बीमारी को जड़ से खत्म कर दिया।
बिजली और बुनियादी ढांचा: जो प्रदेश कभी अंधेरे में रहता था, आज वहां भरपूर बिजली और विश्वस्तरीय सड़कें हैं।
‘हमें मंदिर प्यारे हैं, इसलिए मंदिरों को पैसा दे रहे हैं’
धार्मिक एजेंडे पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में पैसा ‘कब्रिस्तान’ को दिया जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने प्रदेश के 1500 मंदिरों का सुंदरीकरण कराया है।
‘जिस अयोध्या में पहले लाठियां और गोलियां मिलती थीं, आज वह दुनिया की सबसे सुंदर नगरी बन गई है। भगवान राम का भव्य मंदिर बन गया है। हमें मंदिर प्यारे हैं, इसलिए हम मंदिर को पैसा दे रहे हैं। जिसको जो प्यारा होता है, वह वही करता है।’
‘विरोधियों का मोहरा न बनें’
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनौतियों के लिए सावधान करते हुए कहा कि अब यूपी में ‘उपद्रव नहीं, उत्सव’ का माहौल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने प्रदेश को दंगों की आग में झोंका था, उन्हें कोई ऐसा मुद्दा न दें जिससे उनके पाप धुल सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि माफियाओं को प्रश्रय देने वालों के दिन लद चुके हैं और अब कोई फिरौती या गुंडागर्दी करने की हिम्मत नहीं कर सकता।


