सिलेंडर की किल्लत ने रोकी बेटी की बारात, 25 की जगह अब 28 मार्च को गूंजेगी शहनाई

सिलेंडर की किल्लत ने रोकी बेटी की बारात, 25 की जगह अब 28 मार्च को गूंजेगी शहनाई

हापुड़ : वैश्विक स्तर पर ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में आई बाधा का असर अब आम आदमी की खुशियों पर पड़ने लगा है। हापुड़ के गांव बदनौली (नटों की मडैय्या) में एक परिवार को गैस सिलेंडर न मिल पाने के कारण अपनी बेटी की शादी की तारीख तीन दिन आगे बढ़ानी पड़ी।

क्या है पूरा मामला?

बदनौली निवासी बिमलेश पत्नी सोमपाल की बेटी की शादी मुरादाबाद के एक युवक से तय हुई थी। बारात 25 मार्च (बुधवार) को आनी थी। घर में मेहमानों का आना शुरू हो गया था और पकवानों की तैयारी चल रही थी, लेकिन ऐन मौके पर खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडरों की व्यवस्था नहीं हो सकी। अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण बाजार में सिलेंडरों की अचानक बढ़ी मांग और किल्लत ने परिवार के सामने संकट खड़ा कर दिया।

ससुराल वालों से मिन्नत कर बढ़वाई तारीख

जब गांव और आसपास कहीं भी सिलेंडरों का जुगाड़ नहीं हो सका, तो मजबूरन बिमलेश को अपनी बेटी के होने वाले ससुराल पक्ष से बात करनी पड़ी। उन्होंने अपनी लाचारी बताते हुए शादी टालने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की आपसी सहमति के बाद अब शादी की तारीख 28 मार्च तय की गई है।

DSO कार्यालय में छलका मां का दर्द

बुधवार को बिमलेश अपने परिजनों के साथ जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने डॉ. सीमा सिंह को अपनी व्यथा सुनाई और बताया कि सिलेंडर न होने की वजह से बारात की तारीख बदलनी पड़ी है, लेकिन अभी भी सिलेंडरों का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।

DSO डॉ. सीमा सिंह ने जब शादी का कार्ड देखा, तो उनका दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत मातहतों को निर्देश दिए और महिला को ढांढस बंधाते हुए कहा, ‘आप बेफिक्र होकर बेटी की शादी की तैयारी करें, सिलेंडर आज शाम और कल सुबह तक आपके घर पहुंच जाएंगे।’

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