सहरसा में LPG संकट गहराया:16,570 बुकिंग पेंडिंग, सबसे ज्यादा एचपी और इंडेन में; एजेंसियों पर कार्रवाई की तैयारी, PNG पर फोकस

सहरसा में LPG संकट गहराया:16,570 बुकिंग पेंडिंग, सबसे ज्यादा एचपी और इंडेन में; एजेंसियों पर कार्रवाई की तैयारी, PNG पर फोकस

सहरसा जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह गैस एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में कुल 16,570 एलपीजी रिफिल बुकिंग लंबित बताई जा रही हैं। सबसे ज्यादा लंबित बुकिंग एचपी और इंडेन में
जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार और जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि लंबित बुकिंग में एचपी गैस की 7,023 और इंडेन गैस की 6,957 बुकिंग शामिल हैं। इंडेन गैस का औसत प्रतीक्षा समय 3.68 दिन है, लेकिन ‘शहीद रमन इंडेन’ और ‘शिवालय इंडेन’ के उपभोक्ताओं को 7 से 9 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ एजेंसियों पर ज्यादा दबाव
एचपी गैस एजेंसियों में ‘गौरी शंकर एचपी गैस’ के पास 1,908 और ‘मां भगवती एचपी गैस’ के पास 1,041 बुकिंग लंबित हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दिखाता है। वहीं भारतगैस की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन ‘आशा भारत गैस एजेंसी’ के पास 1,181 बुकिंग लंबित हैं, जो भारतगैस की कुल लंबित बुकिंग का लगभग 45 प्रतिशत है। 5 दिन से ज्यादा देरी पर होगी जांच
प्रशासन ने स्थिति सुधारने के लिए कई कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। जिन एजेंसियों में प्रतीक्षा अवधि 5 दिनों से अधिक है, उनके गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। साथ ही एचपी गैस के क्षेत्रीय प्रबंधक से तत्काल आपूर्ति योजना मांगी गई है। ‘शून्य डिलीवरी’ दिखाने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। पीएनजी परियोजना पर तेज हुआ काम
एलपीजी संकट के स्थायी समाधान के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने 25 मार्च को डुमरैल स्थित यादव चौक पर चल रहे पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर शेष कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। 65 किमी पाइपलाइन बिछाई गई
अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 65 किलोमीटर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और बाकी जगहों पर काम तेजी से जारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द शहरवासियों को पीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके और लोगों को राहत मिल सके। सहरसा जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह गैस एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में कुल 16,570 एलपीजी रिफिल बुकिंग लंबित बताई जा रही हैं। सबसे ज्यादा लंबित बुकिंग एचपी और इंडेन में
जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार और जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि लंबित बुकिंग में एचपी गैस की 7,023 और इंडेन गैस की 6,957 बुकिंग शामिल हैं। इंडेन गैस का औसत प्रतीक्षा समय 3.68 दिन है, लेकिन ‘शहीद रमन इंडेन’ और ‘शिवालय इंडेन’ के उपभोक्ताओं को 7 से 9 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ एजेंसियों पर ज्यादा दबाव
एचपी गैस एजेंसियों में ‘गौरी शंकर एचपी गैस’ के पास 1,908 और ‘मां भगवती एचपी गैस’ के पास 1,041 बुकिंग लंबित हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दिखाता है। वहीं भारतगैस की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन ‘आशा भारत गैस एजेंसी’ के पास 1,181 बुकिंग लंबित हैं, जो भारतगैस की कुल लंबित बुकिंग का लगभग 45 प्रतिशत है। 5 दिन से ज्यादा देरी पर होगी जांच
प्रशासन ने स्थिति सुधारने के लिए कई कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। जिन एजेंसियों में प्रतीक्षा अवधि 5 दिनों से अधिक है, उनके गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। साथ ही एचपी गैस के क्षेत्रीय प्रबंधक से तत्काल आपूर्ति योजना मांगी गई है। ‘शून्य डिलीवरी’ दिखाने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। पीएनजी परियोजना पर तेज हुआ काम
एलपीजी संकट के स्थायी समाधान के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने 25 मार्च को डुमरैल स्थित यादव चौक पर चल रहे पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर शेष कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। 65 किमी पाइपलाइन बिछाई गई
अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 65 किलोमीटर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और बाकी जगहों पर काम तेजी से जारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द शहरवासियों को पीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके और लोगों को राहत मिल सके।  

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