औरंगाबाद में ट्रैक्टर से गिरकर किशोर की मौत:ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करता था; तेज रफ्तार में थी गाड़ी

औरंगाबाद में ट्रैक्टर से गिरकर किशोर की मौत:ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करता था; तेज रफ्तार में थी गाड़ी

औरंगाबाद के नवीनगर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ। इसमें 14 साल के किशोर की मौत हो गई। घटना नवीनगर प्रखंड अंतर्गत शिव सागर गांव के पास की है, जहां ट्रैक्टर से गिरकर किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान झारखंड के पलामू जिला अंतर्गत विश्रामपुर थाना क्षेत्र के घरतिया गांव निवासी विनय राम के बेटे कुंदन कुमार के रूप में की गई है। कुंदन कुमार अपने माता-पिता के साथ कोईरीडीह स्थित एक ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करता था। करीब 45 दिन पहले ही उसका परिवार रोजी-रोटी की तलाश में झारखंड से औरंगाबाद आया था। आर्थिक तंगी के कारण कुंदन भी कम उम्र में ही अपने माता-पिता का सहारा बन गया था और ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार चलाने में मदद करता था। ट्रैक्टर पर लदा ईंट अनलोड करने जा रहा था बुधवार को कुंदन ट्रैक्टर पर ईंट लोड कर अनलोड करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान नवीनगर थाना क्षेत्र के शिव सागर गांव के पास तेज रफ्तार होने के कारण अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक्टर से नीचे सड़क पर गिर पड़ा। गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर जुट गए, लेकिन तब तक किशोर की जान जा चुकी थी। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत ईंट भट्ठा संचालक को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही मृतक के माता-पिता और भट्ठा संचालक घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर नवीनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थाना अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है। माता-पिता का इकलौता बेटा था कुंदन कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो छोटी बहनें हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब पूरी तरह माता-पिता पर आ गई है। बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को भी अक्सर जोखिम भरे कामों में लगा दिया जाता है, जिससे ऐसे हादसे होते रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर बाल श्रम और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। औरंगाबाद के नवीनगर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ। इसमें 14 साल के किशोर की मौत हो गई। घटना नवीनगर प्रखंड अंतर्गत शिव सागर गांव के पास की है, जहां ट्रैक्टर से गिरकर किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान झारखंड के पलामू जिला अंतर्गत विश्रामपुर थाना क्षेत्र के घरतिया गांव निवासी विनय राम के बेटे कुंदन कुमार के रूप में की गई है। कुंदन कुमार अपने माता-पिता के साथ कोईरीडीह स्थित एक ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करता था। करीब 45 दिन पहले ही उसका परिवार रोजी-रोटी की तलाश में झारखंड से औरंगाबाद आया था। आर्थिक तंगी के कारण कुंदन भी कम उम्र में ही अपने माता-पिता का सहारा बन गया था और ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार चलाने में मदद करता था। ट्रैक्टर पर लदा ईंट अनलोड करने जा रहा था बुधवार को कुंदन ट्रैक्टर पर ईंट लोड कर अनलोड करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान नवीनगर थाना क्षेत्र के शिव सागर गांव के पास तेज रफ्तार होने के कारण अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक्टर से नीचे सड़क पर गिर पड़ा। गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर जुट गए, लेकिन तब तक किशोर की जान जा चुकी थी। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत ईंट भट्ठा संचालक को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही मृतक के माता-पिता और भट्ठा संचालक घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर नवीनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थाना अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है। माता-पिता का इकलौता बेटा था कुंदन कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो छोटी बहनें हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब पूरी तरह माता-पिता पर आ गई है। बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को भी अक्सर जोखिम भरे कामों में लगा दिया जाता है, जिससे ऐसे हादसे होते रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर बाल श्रम और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

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