IPL 2026 में होने जा रहा बड़ा बदलाव, अब 14 नहीं इतने मैच खेलेगी हर टीम, इन नियमों में भी हुआ बदलाव

IPL 2026 में होने जा रहा बड़ा बदलाव, अब 14 नहीं इतने मैच खेलेगी हर टीम, इन नियमों में भी हुआ बदलाव

पिछले सीजन तक सभी 70 लीग मैच खेले जाते थे और चार प्लेऑफ मुक़ाबले खेले गए थे। सभी 10 टीमें 14 – 14 मैचें खेलती थीं। लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 80 कर दिया गया है। ऐसे में अब टीमें 16 – 16 लीग मैच खेलेंगी। 

IPL 2026 Teams Venue New Rules: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है। सभी टीमें तैयारियों में जुटी हुई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अभी पूरा शेड्यूल जारी नहीं किया है। लेकिन इतनी जानकारी दे दी है कि फाइनल 31 मई को बेंगलुरु में खेला जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई टूर्नामेंट को और बड़ा करने की योजना बना रहा है और इस बार 74 नहीं बल्कि 84 मुकबाले खेले जाएंगे।

पहला मुक़ाबला 28 मार्च को गत चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। इसी मैदान पर इस सीजन का फ़ाइनल भी खेला जाएगा। पिछले सीजन तक सभी 70 लीग मैच खेले जाते थे और चार प्लेऑफ मुकाबले खेले गए थे। सभी 10 टीमें 14 – 14 मैचें खेलती थीं। लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 80 कर दिया गया है। ऐसे में अब टीमें 16 – 16 लीग मैच खेलेंगी।

सख्त हुए नियम, जानिए क्या-क्या बदलाव हुए?

हर बार की तरह सभी 10 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया है। अपने ग्रुप की टीमों से दो-दो और दूसरे ग्रुप के समानांतर टीम से दो, जबकि शेष टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। इसके अलावा बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के दौरान टीमों के बर्ताव और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं।

मैच के दिन प्रैक्टिस पर बैन

नए नियमों के तहत मैच के दिन प्रैक्टिस सेशन पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा, टीमों को अपनी सारी तैयारी सिर्फ तय समय के दौरान तय नेट्स में ही करनी होगी। अब खुले में प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी। फ्रेंचाइजी दूसरी टीमों के लिए तय पिचों का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं, भले ही वे पहले से खाली क्यों न हों।

प्रत्येक टीम को मेन स्क्वायर पर दो नेट्स और एक साइड विकेट मिलेगा। मुंबई जैसे स्टेडियम के लिए खास इंतजाम किए गए हैं, जहां प्रत्येक टीम को एक ही समय पर प्रैक्टिस करने के लिए दो विकेट मिलेंगे। मैच के दिनों में फिटनेस ड्रिल और टेस्ट पर भी बैन होगा। सिर्फ खिलाड़ी और स्टाफ ही प्रैक्टिस एरिया में जा सकते हैं। परिवार के सदस्यों को ‘हॉस्पिटैलिटी जोन’ में ही रहना होगा।

बीसीसीआई ने टीमों की आवाजाही और सपोर्ट स्टाफ की भूमिकाओं से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए हैं। अब खिलाड़ी सिर्फ टीम बस से ही प्रैक्टिस सेशन के लिए जा सकते हैं, उनके साथ परिवार के सदस्य नहीं जा सकते। फ्रेंचाइजी को नेट बॉलर्स और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट की जानकारी बोर्ड की मंजूरी के लिए देनी होगी।

मैच के दिनों में सभी सपोर्ट स्टाफ के पास हर समय अपना ‘एक्रेडिटेशन कार्ड’ होना जरूरी है। नियम तोड़ने पर चेतावनी मिलेगी। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कुछ और निर्देशों के तहत, खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के दौरान एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड पर गेंद मारने से मना किया गया है। खिलाड़ी इन बोर्ड के सामने बैठ भी नहीं सकते। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों के बैठने के लिए अलग से इंतजाम होंगे।

नए नियमों में ब्रॉडकास्ट और प्रेजेंटेशन के स्टैंडर्ड भी शामिल हैं। ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को मैच के दिनों में अपनी कैप पहनना होगा, या कम से कम मैच की शुरुआत के कुछ ओवरों तक इससे पहनना होगा, ताकि ब्रॉडकास्ट के दौरान वे साफ नजर आ सकें। पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान खिलाड़ियों को ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करना होगा। बिना आस्तीन वाली जर्सी और ढीली-ढाली टोपियां पहनने की अनुमति नहीं है।

पिछले नियमों के अनुसार, मैच के दिन के लिए तय किए गए एरिया में टीम डॉक्टरों सहित केवल 12 सपोर्ट स्टाफ सदस्यों को ही जाने की अनुमति होगी। अगर फ्रेंचाइजी अपनी जर्सी के नंबर बदलना चाहती हैं, तो उन्हें बीसीसीआई को कम से कम 24 घंटे पहले इसकी सूचना देनी होगी।

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