आगर मालवा जिले में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव की अफवाहों के कारण ईंधन संकट की आशंका गहरा गई है। मंगलवार देर रात से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, जो बुधवार दोपहर तक जारी रही। जिला मुख्यालय स्थित गुप्ता पेट्रोल पंप पर मंगलवार देर रात भारी भीड़ के कारण पेट्रोल खत्म हो गया था। इसके चलते पंप को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। पंप संचालक नवीन गुप्ता ने बताया कि बुधवार सुबह टैंकर पहुंचने के बाद लगभग 9 बजे से पेट्रोल-डीजल का वितरण फिर से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अन्य टैंकर भी आने वाले हैं। मार्केटिंग सोसायटी पेट्रोल पंप पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुबह कुछ समय के लिए मशीनें बंद रखी गईं। पंप मैनेजर ईश्वर यादव के अनुसार, यहां लगभग 30-30 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक मौजूद है और सुबह 9 बजे से वितरण शुरू कर दिया गया था। जिले के कुछ अन्य पेट्रोल पंपों, जिनमें नायरा, ताज फीलिंग स्टेशन, ढाबला पिपलोन और ग्राम कुबड़िया खेड़ी शामिल हैं, पर भी रिजर्व स्टॉक के अलावा पेट्रोल खत्म होने की सूचना मिली है। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एम.एल. मालवीय ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 57 पेट्रोल पंप हैं और सभी स्थानों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। एम.एल. मालवीय ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कुल मिलाकर कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार, कुछ पंपों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है, और कुछ स्थानों पर तो दो माह तक का भंडारण भी मौजूद है। इस बीच, कानड़ में मंगलवार रात एक पेट्रोल पंप पर पहले पेट्रोल भरवाने को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इस घटना का वीडियो बुधवार सुबह सामने आया। कुल मिलाकर, आगर जिले में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति फिलहाल सुचारू बनी हुई है। हालांकि, अफवाहों के कारण कुछ पंपों पर अस्थायी कमी और लंबी कतारों की स्थिति देखने को मिली।


