Intro: बहराइच के मिहींपुरवा क्षेत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरथापुर गांव के विस्थापित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की। उन्होंने पुनर्वास योजना के तहत सैकड़ों लोगों को जमीन और आर्थिक सहायता दी। साथ ही गांव का नाम बदलकर भरतपुर कॉलोनी करने का ऐलान भी किया।
बहराइच जिले के मिहींपुरवा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरथापुर गांव के विस्थापित परिवारों को राहत देते हुए बड़े फैसले लिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आपदा के समय सेवा, संवेदना और समाधान के जरिए लोगों की मदद करना है। इसी सोच के तहत भरथापुर गांव के करीब 500 लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने 136 परिवारों को आवास के सौंपे कागजात
मुख्यमंत्री ने इस दौरान 136 परिवारों को आवासीय जमीन के पट्टे और आर्थिक सहायता के कागजात सौंपे। उन्होंने बताया कि कुल 21 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। इसे उन्होंने नवरात्र के अवसर पर विशेष उपहार बताया। सीएम ने घोषणा की कि अब भरथापुर गांव को ‘भरतपुर कॉलोनी’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम इलाके के विकास और नई पहचान के लिए उठाया गया है। कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के सभी 25 करोड़ लोगों के लिए काम कर रही है।
पूर्व सरकारें केवल अपने परिवार तक सीमित रही
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश के संसाधनों का सही उपयोग नहीं हुआ और विकास कार्यों की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में कुछ सरकारें केवल अपने परिवार तक सीमित रहीं। जबकि गरीब और वंचित वर्गों की जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
हमारी सरकार ने मूलभूत सुविधाओं को दी प्राथमिकता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने बाढ़ नियंत्रण, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब शासन में सेवा और संवेदना शामिल होती है। तभी गरीबों तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचता है। उन्होंने लोगों से एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।


