धर्मशाला में दलाई लामा के लिए दीर्घायु प्रार्थना:धर्मगुरु ने करुणा- शांति का दिया संदेश, अनुयायियों ने बुद्ध की प्रतिमा की भेंट

धर्मशाला में दलाई लामा के लिए दीर्घायु प्रार्थना:धर्मगुरु ने करुणा- शांति का दिया संदेश, अनुयायियों ने बुद्ध की प्रतिमा की भेंट

धर्मशाला के मुख्य तिब्बती मंदिर थेकचेन चोलिंग सुगलाखांग में बुधवार को तिब्बती आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए एक विशेष ‘तेनशुक’ (दीर्घायु प्रार्थना) समारोह आयोजित किया गया। इस अनुष्ठान का संयुक्त आयोजन उ-त्सांग चोलखा, डोखाम जाचुका एसोसिएशन और किदोंग वेलफेयर एसोसिएशन ने किया। समारोह के दौरान पूरा मंदिर परिसर तिब्बती मंत्रों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों से गुंजायमान रहा। इस धार्मिक कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु को प्रतीकात्मक रूप से बुद्ध की प्रतिमा, धर्मग्रंथ और स्तूप भेंट किए गए, जो ज्ञान, वाणी और मन की पवित्रता के प्रतीक माने जाते हैं। दलाई लामा ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए करुणा और वैश्विक शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तिब्बती समुदाय का अटूट विश्वास और प्रेम ही उनकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। पारंपरिक वेशभूषा में सजे पुरुषों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति समारोह का मुख्य आकर्षण उस समय देखने को मिला जब आध्यात्मिक गुरु मंदिर से प्रस्थान कर रहे थे। उनके सम्मान में उ-त्सांग क्षेत्र की पारंपरिक वेशभूषा में सजे पुरुषों के एक दल ने विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। रंग-बिरंगे चोबा और पारंपरिक टोपियां पहने इन नर्तकों ने अपनी लोक कला के माध्यम से आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। तिब्बती अनुयायियों और विदेशी पर्यटकों ने लिया आशीर्वाद इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद तिब्बती अनुयायियों और विदेशी पर्यटकों ने मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर दलाई लामा का आशीर्वाद लिया। सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने धर्मशाला में तिब्बती संस्कृति और आस्था के गहरे संगम को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

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