मुजफ्फरपुर में मंगलवार की रात पूर्व मंत्री रामसूरत राय के करीबी की अपराधियों ने हत्या कर दी। बदमाशों ने गरहा थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव के रहने वाले हरिशंकर सिंह उर्फ हरि भगत (41) के सिर में गोली मारी। बेटे के सामने अपराधियों ने हरिभगत पर फायरिंग की। हरिभगत को 2 गोलियां लगीं। पहली गोली पेट में दूसरी सिर में लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। फायरिंग के बाद बेटा भाग गया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद पूर्व मंत्री रामसूरत राय परिजन से मिलने पहुंचे। उन्होंने रोते-रोते कहा, प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए। इसके पहले भी जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… सबसे पहले मौके से आई कुछ तस्वीरें… खेत ले लौट रहे थे बाप-बेटे, रोककर फायरिंग की लोगों ने बताया कि हरिभगत मंगलवार देर शाम अपने बेटे के साथ खेत से गेहूं की दौनी कराकर घर लौट रहे थे। उनके आगे गेहूं से लदा ट्रैक्टर चल रहा था, जबकि वे अपने बेटे के साथ बाइक पर पीछे थे। मुरादपुर स्थित बुझावन भगत स्कूल के पास अचानक एक बाइक पर सवार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली हरि भगत के पेट में लगी। पिता को लहूलुहान देख बेटा जान बचाने के लिए बाइक से कूदकर पास के खेतों की ओर भागा। इसके बाद, अपराधियों ने हरि भगत के सिर में दूसरी गोली मारी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री और विधायक रामसूरत राय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक हरि भगत उनके पंचायत के थे और उनके बच्चे जैसे थे। गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि, पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में परिजनों ने पुराने जमीन विवाद की बात कही है। एसएसपी ने कहा, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही, पूर्व में दर्ज मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी लापरवाही का दोषी पाया गया, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। दो लोगों को डिटेन किया है सिटी SP मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पहले भी जमीन विवाद में गोलीबारी की घटना हुई थी। अहियापुर थाना में मृतक हरि ने अपने गांव के ही पड़ोसी पर जमीन विवाद में गोलीबारी का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने अबतक दो लोगों को डिटेन किया है। पुलिस की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है, दोनों आरोपित से पूछताछ और टेक्निकल साक्ष्य इकट्ठा कर जल्द ही पूरे मामले का पुलिस खुलासा करेगी। 9 महीने पहले हुआ था हमला, मिसफायर से बची थी जान हरिभगत पर 9 महीने पहले भी जानलेवा हमला हुआ था। इसे लेकर हरिशंकर ने गरहा थाने में आवेदन दिया था। आवेदन में हरिशंकर ने बताया था कि ‘पिछले साल 27 जून को रात 9:18 बजे पर मैं अपने दरवाजे पर बैठा हुआ था। तभी बाइक सवार एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। मिसफायर हो जाने की वजह से मैं बच गया। तुरंत बाद मैं घर के अंदर गया, पत्नी और ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बदमाश फरार हो गए।’ हरिशंकर ने थाने में आवेदन देकर बताया कि ‘पूर्व में चल रहे जमीन विवाद को लेकर मुरादपुर निवासी सुनील कुमार और रविकांत कुमार और रामपुर जगपाल निवासी राजीव कुमार ने जान से मारने की नीयत से गोली चलवाई है। हरिशंकर के आवेदन पर FIR दर्ज की गई थी।’ मुजफ्फरपुर में मंगलवार की रात पूर्व मंत्री रामसूरत राय के करीबी की अपराधियों ने हत्या कर दी। बदमाशों ने गरहा थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव के रहने वाले हरिशंकर सिंह उर्फ हरि भगत (41) के सिर में गोली मारी। बेटे के सामने अपराधियों ने हरिभगत पर फायरिंग की। हरिभगत को 2 गोलियां लगीं। पहली गोली पेट में दूसरी सिर में लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। फायरिंग के बाद बेटा भाग गया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद पूर्व मंत्री रामसूरत राय परिजन से मिलने पहुंचे। उन्होंने रोते-रोते कहा, प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए। इसके पहले भी जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… सबसे पहले मौके से आई कुछ तस्वीरें… खेत ले लौट रहे थे बाप-बेटे, रोककर फायरिंग की लोगों ने बताया कि हरिभगत मंगलवार देर शाम अपने बेटे के साथ खेत से गेहूं की दौनी कराकर घर लौट रहे थे। उनके आगे गेहूं से लदा ट्रैक्टर चल रहा था, जबकि वे अपने बेटे के साथ बाइक पर पीछे थे। मुरादपुर स्थित बुझावन भगत स्कूल के पास अचानक एक बाइक पर सवार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली हरि भगत के पेट में लगी। पिता को लहूलुहान देख बेटा जान बचाने के लिए बाइक से कूदकर पास के खेतों की ओर भागा। इसके बाद, अपराधियों ने हरि भगत के सिर में दूसरी गोली मारी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री और विधायक रामसूरत राय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक हरि भगत उनके पंचायत के थे और उनके बच्चे जैसे थे। गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि, पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में परिजनों ने पुराने जमीन विवाद की बात कही है। एसएसपी ने कहा, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही, पूर्व में दर्ज मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी लापरवाही का दोषी पाया गया, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। दो लोगों को डिटेन किया है सिटी SP मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पहले भी जमीन विवाद में गोलीबारी की घटना हुई थी। अहियापुर थाना में मृतक हरि ने अपने गांव के ही पड़ोसी पर जमीन विवाद में गोलीबारी का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने अबतक दो लोगों को डिटेन किया है। पुलिस की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है, दोनों आरोपित से पूछताछ और टेक्निकल साक्ष्य इकट्ठा कर जल्द ही पूरे मामले का पुलिस खुलासा करेगी। 9 महीने पहले हुआ था हमला, मिसफायर से बची थी जान हरिभगत पर 9 महीने पहले भी जानलेवा हमला हुआ था। इसे लेकर हरिशंकर ने गरहा थाने में आवेदन दिया था। आवेदन में हरिशंकर ने बताया था कि ‘पिछले साल 27 जून को रात 9:18 बजे पर मैं अपने दरवाजे पर बैठा हुआ था। तभी बाइक सवार एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। मिसफायर हो जाने की वजह से मैं बच गया। तुरंत बाद मैं घर के अंदर गया, पत्नी और ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बदमाश फरार हो गए।’ हरिशंकर ने थाने में आवेदन देकर बताया कि ‘पूर्व में चल रहे जमीन विवाद को लेकर मुरादपुर निवासी सुनील कुमार और रविकांत कुमार और रामपुर जगपाल निवासी राजीव कुमार ने जान से मारने की नीयत से गोली चलवाई है। हरिशंकर के आवेदन पर FIR दर्ज की गई थी।’


