पानीपत शहर के कुटानी रोड पर शनिवार रात हुए ब्लाइंड मर्डर के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस 17 वर्षीय किशोर अश्वनी की बेरहमी से हत्या की गई थी, उसकी जान किसी पुरानी रंजिश ने नहीं, बल्कि महज 10 रुपए के मामूली विवाद ने ले ली। सीआईए यूनिट ने तत्परता दिखाते हुए इस गुत्थी को सुलझा लिया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। विवाद की जड़: गोलगप्पे के पैसे और ₹10 की बहस पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात से कुछ देर पहले आरोपियों ने अश्वनी की रेहड़ी पर गोलगप्पे खाए थे। पैसे देने के दौरान महज 10 रुपए को लेकर अश्वनी और युवकों के बीच कहासुनी हो गई। आरोपियों ने 50 का नोट अश्वनी को दिया था, इसके बाद 10 रुपए के लिए बहस शुरू हो गई थी। उस वक्त तो आरोपी चले गए, लेकिन उनके सिर पर खून सवार था। रास्ते में घेरा और शरीर पर किए 5 से ज्यादा वार शनिवार रात करीब 8:15 बजे, जब अश्वनी कुटानी रोड स्थित गंदे नाले की पुलिया और रानी महल के पास से अपनी रेहड़ी लेकर घर लौट रहा था, तभी 4-5 हमलावरों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने अश्वनी पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अश्वनी की पसलियों, पेट और छाती पर 5 से ज्यादा गहरे वार किए गए। हमला करने के बाद आरोपी उसे लहूलुहान हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम परिजनों को सूचना मिलते ही वे अश्वनी को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया, लेकिन बदकिस्मती से रास्ते में ही 17 वर्षीय अश्वनी ने दम तोड़ दिया। मृतक मूल रूप से कानपुर (यूपी) के बिलहापुर का रहने वाला था और मात्र चार दिन पहले ही काम के सिलसिले में पानीपत आया था।


