उदीयमान भगवान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य:पूजा के बाद बच्चों ने आतिशबाजी और सेल्फी भी ली, 4 दिवसीय चैती छठ हुआ संपन्न

उदीयमान भगवान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य:पूजा के बाद बच्चों ने आतिशबाजी और सेल्फी भी ली, 4 दिवसीय चैती छठ हुआ संपन्न

दरभंगा में बुधवार सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद चैती छठ संपन्न हो गया। इसी के साथ व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास का पारण कर अन्न-जल ग्रहण किया। सुबह से ही जिले के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। व्रतियों ने सूर्य देव को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अर्घ्य के बाद परिजन और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। परंपरा के अनुसार घाटों पर सिंदूर और प्रसाद लेने का विशेष महत्व रहता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। व्रतियों के साथ आए बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी की और सेल्फी-फोटो ली। घाटों की व्यवस्था पर असंतोष जताया
लहेरियासराय निवासी व्रती सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि छठ कठिन और महान व्रत है, विशेषकर चैती छठ गर्मी के कारण और भी कठिन हो जाता है। छठी मइया की कृपा से ही व्रत सफल होता है और अब पहले की तुलना में अधिक लोग इस व्रत को करने लगे हैं। हालांकि उन्होंने घाटों की सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष भी जताया। घाट पर सफाई नहीं थी
कुशेश्वर महतो ने बताया कि काली स्थान तालाब पर करीब 5 हजार श्रद्धालु छठ पूजा करने पहुंचे, लेकिन नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने कहा कि छठ जैसे पवित्र पर्व में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। दरभंगा में बुधवार सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद चैती छठ संपन्न हो गया। इसी के साथ व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास का पारण कर अन्न-जल ग्रहण किया। सुबह से ही जिले के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। व्रतियों ने सूर्य देव को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अर्घ्य के बाद परिजन और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। परंपरा के अनुसार घाटों पर सिंदूर और प्रसाद लेने का विशेष महत्व रहता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। व्रतियों के साथ आए बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी की और सेल्फी-फोटो ली। घाटों की व्यवस्था पर असंतोष जताया
लहेरियासराय निवासी व्रती सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि छठ कठिन और महान व्रत है, विशेषकर चैती छठ गर्मी के कारण और भी कठिन हो जाता है। छठी मइया की कृपा से ही व्रत सफल होता है और अब पहले की तुलना में अधिक लोग इस व्रत को करने लगे हैं। हालांकि उन्होंने घाटों की सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष भी जताया। घाट पर सफाई नहीं थी
कुशेश्वर महतो ने बताया कि काली स्थान तालाब पर करीब 5 हजार श्रद्धालु छठ पूजा करने पहुंचे, लेकिन नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने कहा कि छठ जैसे पवित्र पर्व में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।  

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