हवा में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर मौत का खौफ और सिरफिरे उपद्रवियों का तांडव… यह किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि इंडिगो की गुवाहाटी-दिल्ली फ्लाइट में घटी वो हकीकत है जिसने यात्रियों की सांसें अटका दी थीं। घटना 8 मार्च की है। रात के करीब 8:30 बजे थे। इंडिगो की फ्लाइट ने गुवाहाटी से दिल्ली के लिए उड़ान भरी ही थी। नीचे जमीन पर भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच चल रहा था। ऊपर आसमान में फ्लाइट में सवार तीन युवकों ने अचानक चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया- प्लेन क्रैश होने वाला है।
फिर क्या था… विमान के टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद इन युवकों की इस अफवाह ने पूरे केबिन में दहशत फैला दी। सफर कर रहे बच्चे-महिलाएं डर के मारे रोने लगीं। जब एयर होस्टेस और क्रू मेंबर्स ने इन उपद्रवियों को समझाने की कोशिश की, तो वे उनसे भी उलझ गए और अभद्रता पर उतारू हो गए। माहौल पूरी तरह ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो चुका था और चंद सेकंड की देरी किसी बड़े हादसे या भगदड़ का सबब बन सकती थी। राजस्थान कैडर के IPS पंकज चौधरी भी उसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे। पंकज चौधरी अपनी सीट से उठे। उन्होंने देखा कि विमान के भीतर अराजकता चरम पर है। बिना एक पल गंवाए, उन्होंने एक जिम्मेदार अफसर के नाते मोर्चा संभाला। अपनी सूझबूझ से न केवल उपद्रवी युवकों को कंट्रोल किया, बल्कि फ्लाइट लैंड होते ही CISF बुलाकर उनके हवाले किया। पंकज चौधरी फिलहाल राजस्थान पुलिस मुख्यालय में कम्युनिटी पुलिसिंग के एसपी हैं। कैसे इस पूरे मामले को कंट्रोल किया? घटना क्या थी? युवक क्यों हंगामा कर रहे थे? ऐसे सवालों के जवाब IPS पंकज चौधरी से जानते हैं… सवाल : प्लेन में उस रात क्या हुआ था। पूरी घटना बताइए? जवाब : यह कुछ विशेष घटना है….मैं पिछले 15 -20 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूं। फ्लाइट में ऐसी घटना मैंने कभी नहीं देखी। 30 से 35 हजार की हाइट पर विमान उड़ रहा था। अचानक मेरी सीट से कुछ दूरी पर बैठे 25 से 30 साल की उम्र के 3 युवकों ने शोर मचाना शुरू किया। उनका व्यवहार अचानक बदल गया था। वो चिल्लाने लगे- फ्लाइट क्रैश होने वाली है। महिला क्रू मेंबर्स दौड़कर पास पहुंचीं। लेकिन बार-बार समझाने के बाद भी तीनों युवक रुक नहीं रहे थे। यहां तक की तीनों युवकों ने महिला क्रू मेंबर के साथ भी अभद्रता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इधर छोटे बच्चे और महिलाएं काफी डर गईं। तीनों लगातार पिछले 10-15 मिनट से शोर मचा रहे थे। इसके बावजूद क्रू मेंबर उन्हें सख्ती से हैंडल नहीं कर रहा था। हमें लगने लगा था कि आने वाले ढाई घंटे का सफर ऐसे ही पैनिक होने वाला है। मैंने क्रू मेंबर को बुलाया और कहा- आप एसओपी का पालन नहीं कर रहे हैं, आप काम सही नहीं कर रहे। इसके बाद मैंने तीनों युवकों को कड़े शब्दों में डांटा। अपना परिचय दिया और चिल्लाने से रोका। उनसे कहा- जो आप कर रहे हैं उससे पूरे प्लेन में बैठे लोग डर गए हैं। आप जो कर रहे हैं वह कानून विरोधी है। इसके बाद तीनों युवक बैठ गए। तब तक मैं भी उनके पास ही बैठा रहा। जैसे ही ढाई घंटे बाद नीचे उतरे, मैंने सीआईएसएफ की क्यूआरटी बुलवाई। तीनों युवकों को डिटेन कर के उन से पूछताछ की गई। औपचारिक रूप से इस घटना को दर्ज कराया गया। सीआईएसएफ ने इन युवकों से माफी भी मंगवाई। अब मैंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इंडिगो ने क्रू मेंबर के खिलाफ जांच बिठाई हुई है। सवाल : आखिर कितना पैनिक हो गया था कि आपको IPS की भूमिका में आना पड़ा? जवाब : 8 मार्च का दिन था। भारत-न्यूजीलैंड के बीच मैच था। सभी लोग अच्छे माहौल में फ्लाइट में बैठे हुए थे। फ्लाइट टेक ऑफ होते ही नेटवर्क चला गया था। ऐसे में सब लोग शांति से बैठे थे। अचानक शोर-शराबा होने लगा। मैंने उठकर देखा तो पता चला कि कुछ लोग बदमाशी कर रहे हैं। क्रू मेंबर्स को ये काम करना होता है कि कोई उपद्रवी है तो उसे कंट्रोल करे। लेकिन यहां क्रू मेंबर्स का फेलियर दिखाई दिया। मुझे लगा कि अभी कोई स्टेप नहीं लिया तो ये युवक आने वाले ढाई घंटे तक उपद्रव करेंगे। हमारी सीट के आसपास बच्चे-महिलाएं डरे हुए थे। फिर बेचैनी में लोगों की तबीयत भी खराब होने का डर था। जब मामला आउट ऑफ कंट्रोल होते देखा तो मैंने भी आउट ऑफ द वे जाकर गाली गलौज कर रहे तीनों युवकों से बात की। काफी समझाने के बाद तीनों शांत हुए। सवाल : तीनों युवकों ने आखिर इतना हंगामा किया क्यों? जवाब : दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लैंड करते ही मैंने CISF के अधिकारियों से बात की। कुछ 2-3 मिनट में सीआईएसएफ की QRT टीम ने विमान के दरवाजे पर पॉजिशन ले ली। तीनों अभद्रता करने वाले यात्रियों को फ्लाइट से बाहर निकलते ही डिटेन कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ की तो तीनों युवक घुटनों पर गिर कर माफी मांगने लगे। एक युवक ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात कराई तो उन्होंने कहा कि बेटे ने शराब पी ली होगी, उसे माफ कर दीजिए, आगे से वह नहीं करेगा। तीनों ने शराब पी हुई थी। उनमें एक तो योगा टीचर था। मैंने उससे पूछा- क्या उम्र के इस पड़ाव में उन्हें फ्लाइट में यह सब करना शोभा दे रहा है। फ्लाइट में बैठे लोग डर में थे, किसी को परेशानी हो जाती तो क्या होता, लोगों की जान पर बन गई थी। जब आप लोग प्लेन क्रैश होगा चिल्ला रहे थे। सब लोग डर गए थे। सवाल : आप आईपीएस हैं, इसलिए सिचुएशन कंट्रोल कर पाए, क्या कॉमन मैन भी ये काम कर सकता है? जवाब : मुझे दुख इस बात का है कि फ्लाइट में ये घटना 15 से 20 मिनट तक चली। मैंने तुरंत रिएक्शन नहीं दिया, तीनों युवकों के आसपास 20 से 25 लोग बैठे थे। किसी ने युवकों का विरोध नहीं किया। चुपचाप तीनों युवकों की हरकतें सुनते रहे और सहते रहे। आज के दौर में कोई व्यक्ति नहीं चाहता है कि वह किसी पचड़े में फंसे। यह दुर्भाग्यपूर्ण पहलू मुझे तब नजर आया। मैं बैठा था तो मैंने उस भूमिका को निभाया। मुझे लगता है कि जो अन्य यात्री थे, उन्हें अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। ऐसी जगहों पर वह रिएक्ट कर सकते हैं, व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी या क्रू मेंबर्स को बोला जा सकता है, क्योंकि वह आपकी सहायता के लिए ही हैं। इंडिगो ने घटना को लेकर माफी मांगी और कार्रवाई की बात की
पंकज चौधरी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने मोबाइल पर इंडिगो के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा। इंडिगो की अधिकारी निर्मिता भट्टाचार्य ने घटना के बाद मेल पर बताया कि वह इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं तीनों युवकों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मेल के कुछ अंश… 8 मार्च 2026 को गुवाहाटी से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6E‑6367 में आपको और दूसरे यात्रियों को जो अनुभव हुआ, उसके लिए हमें सच में अफसोस है। ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंजूर नहीं है। क्रू के रिस्पॉन्स के बारे में आपके फीडबैक को बहुत गंभीरता से लिया गया है। हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि खराब व्यवहार करने वाले पैसेंजर से जुड़ी घटनाओं को डॉक्यूमेंट किया जाता है और उन्हें DGCA रेगुलेशन के अनुसार हैंडल किया जाता है। चूंकि CISF ने मामले में दखल दिया है, इसलिए यह मामला पहले से ही ऑफिशियल सिक्योरिटी प्रोसेस का हिस्सा है। हम अपने क्रू द्वारा उठाए गए कदमों के साथ-साथ ग्राउंड और इन-फ्लाइट टीमों के बीच कम्युनिकेशन का रिव्यू कर रहे हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि स्थिति की गंभीरता को कम करके आंकने या अनदेखा करने की कोई कोशिश किए बिना प्रोसीजर कम्प्लाइंस का पालन किया गया था। आपके फीडबैक को हमारे सेफ्टी और सिक्योरिटी डिवीजन के साथ-साथ इन-फ्लाइट सर्विसेज टीम को एक पूरी इंटरनल रिव्यू के लिए भेज दिया गया है।
30000 फीट पर फ्लाइट में हंगामा, IPS ने संभाली कमान:तीन युवक नशे में चिल्लाने लगे- प्लेन क्रैश होने वाला है, रोने लगे थे बच्चे-महिलाएं


