मां कात्यायनी की पूजा के लिए मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मां कात्यायनी की पूजा के लिए मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

भास्कर न्यूज | किशनगंज चैत्र नवरात्र के अवसर पर जिलेभर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जारी है। मंगलवार को नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के षष्ठम स्वरूप कात्यायनी की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में दर्शन और पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। किशनगंज शहर के प्रसिद्ध एवं प्राचीन बड़ी कोठी दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर नियमित पूजा-अर्चना की जा रही है। यहां विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हो रही है। सुबह और शाम की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इसके अलावा शहर के धरमगंज रेलवे गुमटी स्थित श्री विष्णु-राधा-कृष्ण मंदिर, शीतला मंदिर अस्पताल रोड, सुभाषपल्ली, खगड़ा, टेऊसा दुर्गा मंदिर, उत्तरपाली दुर्गा मंदिर और पश्चिमपाली दुर्गा मंदिर सहित कई अन्य स्थानों पर भी कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। लोहार पट्टी स्थित शिव शक्ति धाम दुर्गा मंदिर, नेपालगढ़ कॉलोनी और धुमनिया के दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। वहीं रूईधासा स्थित महाकाल मंदिर में भी नवरात्र के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। मंदिरों में सुबह और शाम की आरती के दौरान भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है। आरती से पहले आसपास की महिलाएं मंदिर पहुंचकर दीप जलाती हैं और मां दुर्गा की आराधना करती हैं। घरों में भी श्रद्धालु कलश स्थापित कर नवरात्र की पूजा कर रहे हैं। पूजा-अर्चना का संचालन डॉ. धनतोष पांडेय और मंतोष पांडेय के सानिध्य में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा संपन्न कराई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का छठा स्वरूप कात्यायनी देवी का है, जिन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है। उनकी पूजा से शत्रुओं पर विजय, आत्मविश्वास में वृद्धि तथा जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां कात्यायनी की आराधना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। भास्कर न्यूज | किशनगंज चैत्र नवरात्र के अवसर पर जिलेभर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जारी है। मंगलवार को नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के षष्ठम स्वरूप कात्यायनी की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में दर्शन और पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। किशनगंज शहर के प्रसिद्ध एवं प्राचीन बड़ी कोठी दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर नियमित पूजा-अर्चना की जा रही है। यहां विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हो रही है। सुबह और शाम की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इसके अलावा शहर के धरमगंज रेलवे गुमटी स्थित श्री विष्णु-राधा-कृष्ण मंदिर, शीतला मंदिर अस्पताल रोड, सुभाषपल्ली, खगड़ा, टेऊसा दुर्गा मंदिर, उत्तरपाली दुर्गा मंदिर और पश्चिमपाली दुर्गा मंदिर सहित कई अन्य स्थानों पर भी कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। लोहार पट्टी स्थित शिव शक्ति धाम दुर्गा मंदिर, नेपालगढ़ कॉलोनी और धुमनिया के दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। वहीं रूईधासा स्थित महाकाल मंदिर में भी नवरात्र के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। मंदिरों में सुबह और शाम की आरती के दौरान भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है। आरती से पहले आसपास की महिलाएं मंदिर पहुंचकर दीप जलाती हैं और मां दुर्गा की आराधना करती हैं। घरों में भी श्रद्धालु कलश स्थापित कर नवरात्र की पूजा कर रहे हैं। पूजा-अर्चना का संचालन डॉ. धनतोष पांडेय और मंतोष पांडेय के सानिध्य में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा संपन्न कराई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का छठा स्वरूप कात्यायनी देवी का है, जिन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है। उनकी पूजा से शत्रुओं पर विजय, आत्मविश्वास में वृद्धि तथा जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां कात्यायनी की आराधना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।  

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