भास्कर न्यूज | किशनगंज विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला पदाधिकारी विशाल राज द्वारा जिले के टीबी मुक्त 7 पंचायत के मुखिया एवं संबंधित पीएचसी-सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को ब्रॉन्ज मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्म्मनित किया। सदर अस्पताल परिसर के निकट फेब्रिकेटेड वार्ड कैंपस में आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन जिला पदाधिकारी विशाल राज, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, कोचाधामन विधायक सरवर आलम, आईएमए अध्यक्ष वरिष्ठ सर्जन डॉ. एमएम हैदर, सीडीओ डॉ. मंजर आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ,एनसीडीओ डॉ. उर्मिला कुमारी डीआईओ डॉ. देवेंद्र कुमार,रेड क्रॉस सचिव मिक्की साहा, एमओआईसी डॉ. एनामुल हक डॉ.अजय चौधरी,डॉ. शाहिद रजा अंसारी,अखलाकुर रहमान, आफताब आलम मुखिया शाहबाज आलम, इसहाक आलम, अब्दुल तौवाफ आदि उपस्थित थे। मौके पर डीएम विशाल राज ने कहा किशनगंज जिला इस दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए सात पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया है। यह जहां जिले के लिए गर्व का विषय है, वहीं यह दर्शाता है कि निरंतर प्रयास और समन्वित रणनीति से असंभव लक्ष्य भी संभव बनाए जा सकते हैं। जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम ने बताया 100 डेज टीबी मुक्त अभियान का उद्देश्य अगले 100 दिनों में अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की पहचान, उनकी जांच और उपचार सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जिसमें घर-घर स्क्रीनिंग, सघन जांच और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को शामिल किया गया है। जिले के 7 पंचायतों को मिला टीबी मुक्त का दर्जा कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी के द्वारा जिले के सात पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया। इनमें पोठिया प्रखंड के कोलथा, ठाकुरगंज प्रखंड के पटेश्वरी एवं तातपौआ, दिघलबैंक प्रखंड के धनगढ़ा, कोचाधामन प्रखंड के डेरामारी, टेढ़ागाछ प्रखंड के बैगना तथा किशनगंज प्रखंड के हालामाला पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों में एक वर्ष के दौरान टीबी के नए मामलों में उल्लेखनीय कमी आई। जनभागीदारी से ही संभव है टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत की यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है कि हम इस स्थिति को बनाए रखें और अन्य पंचायतों को भी इस दिशा में प्रेरित करें।उन्होंने आगे कहा कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। यदि समय पर जांच और उपचार हो जाए, तो इसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। आम लोगों को चाहिए कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। भास्कर न्यूज | किशनगंज विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला पदाधिकारी विशाल राज द्वारा जिले के टीबी मुक्त 7 पंचायत के मुखिया एवं संबंधित पीएचसी-सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को ब्रॉन्ज मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्म्मनित किया। सदर अस्पताल परिसर के निकट फेब्रिकेटेड वार्ड कैंपस में आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन जिला पदाधिकारी विशाल राज, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, कोचाधामन विधायक सरवर आलम, आईएमए अध्यक्ष वरिष्ठ सर्जन डॉ. एमएम हैदर, सीडीओ डॉ. मंजर आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ,एनसीडीओ डॉ. उर्मिला कुमारी डीआईओ डॉ. देवेंद्र कुमार,रेड क्रॉस सचिव मिक्की साहा, एमओआईसी डॉ. एनामुल हक डॉ.अजय चौधरी,डॉ. शाहिद रजा अंसारी,अखलाकुर रहमान, आफताब आलम मुखिया शाहबाज आलम, इसहाक आलम, अब्दुल तौवाफ आदि उपस्थित थे। मौके पर डीएम विशाल राज ने कहा किशनगंज जिला इस दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए सात पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया है। यह जहां जिले के लिए गर्व का विषय है, वहीं यह दर्शाता है कि निरंतर प्रयास और समन्वित रणनीति से असंभव लक्ष्य भी संभव बनाए जा सकते हैं। जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम ने बताया 100 डेज टीबी मुक्त अभियान का उद्देश्य अगले 100 दिनों में अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की पहचान, उनकी जांच और उपचार सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जिसमें घर-घर स्क्रीनिंग, सघन जांच और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को शामिल किया गया है। जिले के 7 पंचायतों को मिला टीबी मुक्त का दर्जा कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी के द्वारा जिले के सात पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया। इनमें पोठिया प्रखंड के कोलथा, ठाकुरगंज प्रखंड के पटेश्वरी एवं तातपौआ, दिघलबैंक प्रखंड के धनगढ़ा, कोचाधामन प्रखंड के डेरामारी, टेढ़ागाछ प्रखंड के बैगना तथा किशनगंज प्रखंड के हालामाला पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों में एक वर्ष के दौरान टीबी के नए मामलों में उल्लेखनीय कमी आई। जनभागीदारी से ही संभव है टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत की यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है कि हम इस स्थिति को बनाए रखें और अन्य पंचायतों को भी इस दिशा में प्रेरित करें।उन्होंने आगे कहा कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। यदि समय पर जांच और उपचार हो जाए, तो इसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। आम लोगों को चाहिए कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।


