सीवान के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि अब गांवों में भी घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दोबारा नंबर लगने में पहले की तरह 45 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत यह अवधि घटाकर लगभग 25 दिन कर दी गई है। प्रशासन के इस फैसले से उन लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करने को मजबूर थे। कई गांवों में स्थिति यह थी कि एक बार सिलेंडर मिलने के बाद लोगों को डेढ़ महीने तक दोबारा बुकिंग का इंतजार करना पड़ता था, जिससे रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था प्रभावित होती थी। गैस कंपनियों और वितरकों को सख्त निर्देश दिया ग
डीएम ने बताया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। गैस कंपनियों और वितरकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि बुकिंग के बाद समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर देरी न हो। उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और प्रतिदिन कंपनियों द्वारा आपूर्ति की जा रही है। इसी के चलते अब वितरण प्रणाली में सुधार हुआ है और उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलने लगी है। प्रशासन संयुक्त रूप से गैस एजेंसियों पर नजर रख रहे
ग्रामीण क्षेत्रों में गैस वितरण को लेकर विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, आपूर्ति पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से गैस एजेंसियों पर नजर रख रहे हैं। औचक निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए। किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग या अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से गावों में रसोई गैस की उपलब्धता सुगम होगी
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी प्रकार की समस्या, देरी या अनियमितता की शिकायत टोल फ्री नंबर 1906 या जिला कंट्रोल रूम के नंबरों पर की जा सकती है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैस बुकिंग कर समय पर लाभ उठाएं। नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की उपलब्धता और भी सुगम होने की उम्मीद है। सीवान के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि अब गांवों में भी घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दोबारा नंबर लगने में पहले की तरह 45 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत यह अवधि घटाकर लगभग 25 दिन कर दी गई है। प्रशासन के इस फैसले से उन लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करने को मजबूर थे। कई गांवों में स्थिति यह थी कि एक बार सिलेंडर मिलने के बाद लोगों को डेढ़ महीने तक दोबारा बुकिंग का इंतजार करना पड़ता था, जिससे रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था प्रभावित होती थी। गैस कंपनियों और वितरकों को सख्त निर्देश दिया ग
डीएम ने बताया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। गैस कंपनियों और वितरकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि बुकिंग के बाद समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर देरी न हो। उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और प्रतिदिन कंपनियों द्वारा आपूर्ति की जा रही है। इसी के चलते अब वितरण प्रणाली में सुधार हुआ है और उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलने लगी है। प्रशासन संयुक्त रूप से गैस एजेंसियों पर नजर रख रहे
ग्रामीण क्षेत्रों में गैस वितरण को लेकर विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, आपूर्ति पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से गैस एजेंसियों पर नजर रख रहे हैं। औचक निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए। किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग या अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से गावों में रसोई गैस की उपलब्धता सुगम होगी
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी प्रकार की समस्या, देरी या अनियमितता की शिकायत टोल फ्री नंबर 1906 या जिला कंट्रोल रूम के नंबरों पर की जा सकती है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैस बुकिंग कर समय पर लाभ उठाएं। नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की उपलब्धता और भी सुगम होने की उम्मीद है।


