संभल की एसडीएम कोर्ट से शांतिभंग के आरोप में जेल भेजे गए 53 किसान नेताओं को आज जमानत मिल गई है। रिहाई के बाद इन सभी नेताओं का मुरादाबाद से संभल तक भव्य स्वागत किया गया, जिसमें कुंदरकी, बिलारी और चंदौसी जैसे स्थानों पर भी अभिनंदन किया गया। किसान नेता मंगलवार को जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र में खनन के विरोध में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए थे। भाकियू (असली) से जुड़े इन नेताओं को बीती 19 मार्च को उपजिला मजिस्ट्रेट गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह के आदेश पर जेल भेजा गया था। मुरादाबाद जेल से रिहाई के बाद जेल गेट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।भाजपा नेता संजीव यादव ने किसान नेताओं को फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। उन्हें चाय, नाश्ता और फल भी वितरित किए गए। वहीं, गुन्नौर से समाजवादी पार्टी के विधायक रामखिलाड़ी यादव के पुत्र अखिलेश यादव भी जेल गेट पर पहुंचे और किसान नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके प्रति समर्थन जताया। हालांकि, पांच अन्य किसान नेता अभी भी जेल में हैं, जिनकी रिहाई के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। इन पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इनमें केदारी सिंह पुत्र बाबूराम, सुभाष पुत्र होशियार (दोनों निवासी अहरौला नौआबाद, थाना जुनावई), राजपाल सिंह यादव पुत्र रामेश्वर (निवासी अजहरा, थाना कैलादेवी), ऋषिपाल पुत्र जोरावर (निवासी भागनगर उर्फ मनिहार नंगला, थाना धनारी) और दिलीप उर्फ टीटू पुत्र कालीचरन (निवासी ईशमपुर टांडा, थाना गुनौर, जनपद संभल) शामिल हैं। भाकियू (असली) के राष्ट्रीय महासचिव ऋषिपाल सिंह और जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव सहित इन पांचों नेताओं को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।


