नीट छात्रा के रिश्तेदार से 9 घंटे तक पूछताछ:CBI ने बुलाया था ऑफिस, परिजन-वकील का आरोप; मानसिक दबाव बनाया गया

नीट छात्रा के रिश्तेदार से 9 घंटे तक पूछताछ:CBI ने बुलाया था ऑफिस, परिजन-वकील का आरोप; मानसिक दबाव बनाया गया

नीट छात्रा के संदिग्ध मौत मामले में CBI की जांच जारी है। इस केस में पूछताछ के लिए जांच एजेंसी ने मंगलवार को पीड़िता के एक रिश्तेदार को अपने ऑफिस बुलाया था। परिवार और वकील के अनुसार सुबह 10:30 बजे वो ऑफिस पहुंचे। शाम को सवा 7 बजे के करीब पूछताछ के बाद छोड़ा गया। करीब 9 घंटे तक उसे CBI टीम ने अपने सामने रखा। कई सवाल पूछे। परिवार-वकील एसके पांडेय का आरोप है कि CBI ने रिश्तेदार के उपर काफी दबाव बनाया। कहा गया कि मान लो कि लड़की ने सुसाइड किया है। जबरन DNA टेस्ट के लिए सैंपल देने का दबाव बनाया गया है। हालांकि, उसका सैंपल लिया नहीं गया। अपनी गाड़ी में बैठाकर टीम उसे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी ले गई थी। कोर्ट का आदेश जरूरी पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय बताते हैं कि DNA टेस्ट जांच एजेंसी अपनी मर्जी से किसी का भी नहीं करा सकती है। टेस्ट के लिए उसे सबसे पहले कोर्ट का परिमशन लेना होगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सैंपल लिया जाता है।
अब तक मां-बाप का बयान दर्ज नहीं कराया इस केस में 2 फरवरी को पटना हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया था। उस आदेश के तहत एक प्रोटेस्ट पिटिशन पोक्सो कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसके तहत ही आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने CBI से केस की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही नई तारीख पर जल्द ही सुनवाई होगी। एसके पांडेय के अनुसार CBI ने अब तक लड़की की मां और पिता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज नहीं कराया है। जो पोक्सो से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश का सीधा उल्लंघन है। इस मामले में 6 मार्च को ही एक क्रिमिनल कंटेम्प्ट कोर्ट में दाखिल की गई है। नीट छात्रा के संदिग्ध मौत मामले में CBI की जांच जारी है। इस केस में पूछताछ के लिए जांच एजेंसी ने मंगलवार को पीड़िता के एक रिश्तेदार को अपने ऑफिस बुलाया था। परिवार और वकील के अनुसार सुबह 10:30 बजे वो ऑफिस पहुंचे। शाम को सवा 7 बजे के करीब पूछताछ के बाद छोड़ा गया। करीब 9 घंटे तक उसे CBI टीम ने अपने सामने रखा। कई सवाल पूछे। परिवार-वकील एसके पांडेय का आरोप है कि CBI ने रिश्तेदार के उपर काफी दबाव बनाया। कहा गया कि मान लो कि लड़की ने सुसाइड किया है। जबरन DNA टेस्ट के लिए सैंपल देने का दबाव बनाया गया है। हालांकि, उसका सैंपल लिया नहीं गया। अपनी गाड़ी में बैठाकर टीम उसे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी ले गई थी। कोर्ट का आदेश जरूरी पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय बताते हैं कि DNA टेस्ट जांच एजेंसी अपनी मर्जी से किसी का भी नहीं करा सकती है। टेस्ट के लिए उसे सबसे पहले कोर्ट का परिमशन लेना होगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सैंपल लिया जाता है।
अब तक मां-बाप का बयान दर्ज नहीं कराया इस केस में 2 फरवरी को पटना हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया था। उस आदेश के तहत एक प्रोटेस्ट पिटिशन पोक्सो कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसके तहत ही आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने CBI से केस की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही नई तारीख पर जल्द ही सुनवाई होगी। एसके पांडेय के अनुसार CBI ने अब तक लड़की की मां और पिता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज नहीं कराया है। जो पोक्सो से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश का सीधा उल्लंघन है। इस मामले में 6 मार्च को ही एक क्रिमिनल कंटेम्प्ट कोर्ट में दाखिल की गई है।  

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