Dhurandhar 2 Accident Ranveer Singh Injury: एक्शन से भरपूर फिल्म ‘धुरधंर 2’ की शूटिंग जितनी दमदार स्क्रीन पर दिखी, उतनी ही चुनौतीपूर्ण इसके पीछे की कहानी भी रही। हाल ही में फिल्म के सेट से जुड़ा एक पुराना हादसा सामने आया है, जिसने न सिर्फ शूटिंग की कठिनाइयों को उजागर किया बल्कि कलाकारों के बीच मौजूद भरोसे और अपनापन भी दिखा दिया।
एक्शन सीन में घायल हुए रणवीर सिंह (Dhurandhar 2 Accident Ranveer Singh Injury)
फिल्म के एक अहम एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान अभिनेता रणवीर सिंह और उनके को-स्टार गुरसेवक सिंह एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। ये घटना अमृतसर में फिल्माए जा रहे एक जटिल स्टंट सीक्वेंस के दौरान हुई थी, जहां दोनों कलाकारों को बेहद सटीक टाइमिंग के साथ सीन पूरा करना था।
एक्शन सीन के दौरान अचानक हुआ हादसा
बताया गया कि सीन में विस्फोटक से जुड़ा एक स्टंट शामिल था, जिसके बाद गुरसेवक को ट्रैक्टर के पहियों के बीच सुरक्षित स्थिति में जाना था और रणवीर सिंह को उन्हें कवर देना था। कई बार रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी थी, लेकिन अंतिम टेक के दौरान कुछ सेकंड की देरी ने स्थिति बदल दी।
सीन के दौरान दोनों कलाकार तेज टक्कर से गिर पड़े। इस टक्कर का असर इतना ज्यादा था कि गुरसेवक सिंह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए, जबकि रणवीर सिंह को भी कोहनी में चोट आई। सेट पर मौजूद पूरी टीम तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ी और डॉक्टर को बुलाया गया।
निर्देशक और टीम ने बढ़ाया हौसला (Dhurandhar 2 Accident Ranveer Singh Injury)
घटना के बाद फिल्म के निर्देशक आदित्य धर भी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल कलाकारों का हाल जाना। उन्होंने गुरसेवक सिंह को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि ऐसे हादसे एक्शन फिल्मों का हिस्सा होते हैं और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
गुरसेवक सिंह के मुताबिक, उस वक्त उन्हें सबसे ज्यादा चिंता रणवीर सिंह की चोट को लेकर थी। लेकिन जब रणवीर को पता चला कि गुरसेवक परेशान हैं, तो वे खुद उनके पास पहुंचे और उन्हें गले लगाकर आश्वस्त किया कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।
रणवीर सिंह के व्यवहार ने जीत लिया दिल
इस घटना ने गुरसेवक सिंह को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि दर्द और डर के बीच रणवीर सिंह का शांत और सहयोगी व्यवहार उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया बल्कि यह भी पूछा कि वे शूटिंग जारी रखना चाहते हैं या आराम करना पसंद करेंगे।
हैरानी की बात यह रही कि चोट लगने के बावजूद दोनों कलाकारों ने थोड़े आराम के बाद उसी सीन को पूरा किया। इसके बाद भी फिल्म की शूटिंग करीब एक महीने से ज्यादा समय तक जारी रही और पूरे शेड्यूल में रणवीर सिंह ने कभी भी अपने सह-कलाकार को असहज महसूस नहीं होने दिया।
पर्दे के पीछे की दोस्ती ने बनाया खास अनुभव
गुरसेवक सिंह ने इस घटना को अपने करियर की सबसे खास यादों में से एक बताया। उनके मुताबिक, एक बड़े स्टार का इतना सरल और सहयोगी व्यवहार ही उन्हें खास बनाता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह का अपनापन फिल्म इंडस्ट्री को मजबूत बनाता है और यही वजह है कि रणवीर सिंह दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं।
इस भावुक अनुभव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि फिल्मों की चमक-दमक के पीछे कलाकारों की मेहनत, जोखिम और आपसी भरोसा ही असली ताकत होती है।


