जयपुर। जगतपुरा इलाके में स्थित एक आवासीय सोसायटी में लिफ्ट हादसे का मामला सामने आया है। दी महिमा पनोरमा रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी में अचानक लिफ्ट खराब होकर दूसरी मंजिल से सीधे बेसमेंट में गिर गई। उस समय लिफ्ट के अंदर एक ही परिवार के आठ सदस्य सवार थे। हादसे में परिवार के एक सदस्य का पैर फ्रैक्चर हो गया, जबकि बाकी लोगों को हल्की चोटें आईं।
जानकारी के अनुसार सोसायटी के एल-ब्लॉक की आठवीं मंजिल पर रहने वाले मिथलेश मीणा (43) अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह केंद्रीय खाद्य मंत्रालय में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत के मुताबिक 23 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे मिथलेश अपने परिवार के सात अन्य सदस्यों के साथ डिनर के लिए बाहर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए थे। लिफ्ट में कुल आठ लोग मौजूद थे, जिनमें पांच वयस्क और तीन बच्चे शामिल थे।
सीधे बेसमेंट में गिरी लिफ्ट
परिवार के अनुसार लिफ्ट दूसरी मंजिल पर पहुंचते ही अचानक अटक गई। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी बटन दबाकर मदद मांगी। कुछ समय बाद मेंटेनेंस स्टाफ मौके पर पहुंचा और ऊपर जाकर लिफ्ट को ठीक करने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक लिफ्ट तेज झटके के साथ नीचे की ओर गिर गई और सीधे बेसमेंट में जा गिरी। लिफ्ट के गिरते ही अंदर मौजूद लोग घबरा गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
एक व्यक्ति का टूटा पैर
घटना के बाद सोसायटी के लोगों की मदद से लिफ्ट में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में मिथलेश मीणा के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को मामूली चोटें आईं। घायल मिथलेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
पहले से लिफ्ट खराब होने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सोसायटी में लगी लिफ्ट पहले से ही खराब रहती थी और इसकी शिकायत कई बार सोसायटी प्रबंधन से की गई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
4 महीने बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट
करीब चार महीने तक इलाज और बेड रेस्ट के बाद मिथलेश मीणा ने रामनगरिया थाने में सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि सोसायटी अध्यक्ष अजय मीणा, सचिव अंकुर अग्रवाल और कोषाध्यक्ष कुंती देवी पर लिफ्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी थी। लापरवाही के कारण यह गंभीर हादसा हुआ, जिससे उनके परिवार को नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


