बिलासपुर के सरकारी पोल्ट्री-फार्म में 5 हजार मुर्गा-मुर्गियों की मौत:नष्ट किए गए,बर्ड फ्लू की आशंका, भोपाल लैब भेजे जाएंगे सैंपल, 5KM दायरा संवेदनशील घोषित

बिलासपुर के सरकारी पोल्ट्री-फार्म में 5 हजार मुर्गा-मुर्गियों की मौत:नष्ट किए गए,बर्ड फ्लू की आशंका, भोपाल लैब भेजे जाएंगे सैंपल, 5KM दायरा संवेदनशील घोषित

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले 5 दिन में करीब 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई। शुरुआती लक्षणों के आधार पर अधिकारियों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताई है। 5 किलोमीटर का दायरा संवेदनशील घोषित किया गया है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए सैंपल जांच के लिए भोपाल लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, एहतियात के तौर पर पूरे पोल्ट्री फार्म को बंद कर दिया गया है। वहीं, 5 हजार मुर्गा-मुर्गियों को नष्ट कर दिया गया है। मामला कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिसर का है। 6 हजार से अधिक पक्षियों का होता है पालन सरकार की तरफ से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराने के लिए कोनी में यह सरकारी पोल्ट्री फार्म खोला गया है। जिसमें करीब 6 हजार से अधिक कई नस्लों के मुर्गा-मुर्गियों का प्रजनन और पालन किया जाता है। 18 मार्च से शुरू हुआ मौत का सिलसिला जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च से पोल्ट्री शेड में रखे मुर्गा-मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआती दिनों में संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे यह बढ़ती गई और पांच दिनों के भीतर करीब 5 हजार पक्षियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डॉ. संजय राज ने शुरुआत में मामले को सामान्य बीमारी समझकर गंभीरता से नहीं लिया। बाद में मौतों की संख्या बढ़ने पर इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर को दी गई। इसके बाद मामले से कलेक्टर संजय अग्रवाल को भी दी गई। राज्य स्तरीय टीम करेगी जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम बिलासपुर पहुंची है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डॉ. ए.के. तफ्शी और अपर संचालक डॉ. केके ध्रुव समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। टीम पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर सैंपल एकत्र करेगी और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेगी। 5 किलोमीटर का दायरा संवेदनशील घोषित संभावित बर्ड फ्लू को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र को अति संवेदनशील माना जा रहा है। यदि जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो आसपास के क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जा सकता है। साथ ही मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से दफनाया जाएगा। अधिकारी बोले- जांच के बाद ही होगा खुलासा इस मामले में अपर संचालक पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर डॉ. केके ध्रुव ने बताया कि, कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत की सूचना मिली है। राज्य स्तरीय टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। पहले भी सामने आ चुका है बर्ड फ्लू का मामला बता दें कि, फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस समय एहतियात के तौर पर लगभग 5 हजार मुर्गियां, 12 हजार चूजे और 17 हजार अंडे नष्ट कर दिए गए थे और प्रभावित क्षेत्र में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रायगढ़ के सरकारी पोल्ट्री फार्म में फैला बर्ड फ्लू:12000 चूजे, 5000 मुर्गियों को मारा गया, 17 हजार अंडे नष्ट; निगरानी में 10KM एरिया छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। शुक्रवार रात सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। रात में ही यहां की 5 हजार मुर्गियों, 12 हजार चूजे और 17 हजार अंडों को नष्ट किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

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