अररिया सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ी भीड़:कोल्ड डारिया के 24 घंटे में 150 मरीज हॉस्पिटल पहुंचे, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी

अररिया सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ी भीड़:कोल्ड डारिया के 24 घंटे में 150 मरीज हॉस्पिटल पहुंचे, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी

अररिया में मौसम के अचानक बदलाव के बाद कोल्ड डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे के भीतर सदर अस्पताल में उल्टी, पेट दर्द और लूज मोशन की शिकायत लेकर करीब 150 मरीज पहुंचे हैं। इनमें अधिकांश मरीजों में कोल्ड डायरिया के लक्षण पाए गए हैं, जिससे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ गई है। मौसम में उतार-चढ़ाव बना मुख्य कारण चिकित्सकों के अनुसार, हाल के दिनों में हुई बारिश और उसके बाद अचानक बढ़ी ठंड के कारण मौसम में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया है। यही बदलाव कोल्ड डायरिया के फैलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में पानी और भोजन में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती है, जिससे लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों और युवाओं में ज्यादा असर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि मरीजों में बच्चों और युवाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि खान-पान में लापरवाही और बाहर के दूषित भोजन के सेवन से यह समस्या और बढ़ रही है। कई लोग पहले घरेलू उपचार करते हैं, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं होता, तब अस्पताल पहुंचते हैं। डिहाइड्रेशन का खतरा, समय पर इलाज जरूरी डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डायरिया के मामलों में सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन का होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अस्पताल में बढ़ाई गई व्यवस्था मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल में ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त व्यवस्था कर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी लगातार मरीजों की निगरानी में जुटे हुए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह डॉ. अवनीश कुमार ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ताजा और घर का बना भोजन ही खाएं तथा खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं। उन्होंने पीने के लिए केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही बाहर के खाने और स्ट्रीट फूड से बचने को कहा गया है। बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे और बुजुर्ग इस बीमारी से जल्दी प्रभावित होते हैं, इसलिए उनका विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोगों से अपील स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। पानी की टंकियों और कूलर की नियमित सफाई करने को कहा गया है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। घबराएं नहीं, सतर्क रहें विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में अनियमित बदलाव के कारण इस तरह के मामले सामने आना सामान्य है, लेकिन सतर्कता बरतकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। अररिया के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, लेकिन लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अररिया में मौसम के अचानक बदलाव के बाद कोल्ड डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे के भीतर सदर अस्पताल में उल्टी, पेट दर्द और लूज मोशन की शिकायत लेकर करीब 150 मरीज पहुंचे हैं। इनमें अधिकांश मरीजों में कोल्ड डायरिया के लक्षण पाए गए हैं, जिससे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ गई है। मौसम में उतार-चढ़ाव बना मुख्य कारण चिकित्सकों के अनुसार, हाल के दिनों में हुई बारिश और उसके बाद अचानक बढ़ी ठंड के कारण मौसम में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया है। यही बदलाव कोल्ड डायरिया के फैलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में पानी और भोजन में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती है, जिससे लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों और युवाओं में ज्यादा असर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि मरीजों में बच्चों और युवाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि खान-पान में लापरवाही और बाहर के दूषित भोजन के सेवन से यह समस्या और बढ़ रही है। कई लोग पहले घरेलू उपचार करते हैं, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं होता, तब अस्पताल पहुंचते हैं। डिहाइड्रेशन का खतरा, समय पर इलाज जरूरी डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डायरिया के मामलों में सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन का होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अस्पताल में बढ़ाई गई व्यवस्था मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल में ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त व्यवस्था कर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी लगातार मरीजों की निगरानी में जुटे हुए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह डॉ. अवनीश कुमार ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ताजा और घर का बना भोजन ही खाएं तथा खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं। उन्होंने पीने के लिए केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही बाहर के खाने और स्ट्रीट फूड से बचने को कहा गया है। बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे और बुजुर्ग इस बीमारी से जल्दी प्रभावित होते हैं, इसलिए उनका विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोगों से अपील स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। पानी की टंकियों और कूलर की नियमित सफाई करने को कहा गया है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। घबराएं नहीं, सतर्क रहें विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में अनियमित बदलाव के कारण इस तरह के मामले सामने आना सामान्य है, लेकिन सतर्कता बरतकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। अररिया के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, लेकिन लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।  

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