राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल अवैध:बिहार सरकार ने 25 मार्च तक ड्यूटी पर लौटने कहा, जन कल्याण संवाद कार्यक्रमों में उपस्थिति अनिवार्य

राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल अवैध:बिहार सरकार ने 25 मार्च तक ड्यूटी पर लौटने कहा, जन कल्याण संवाद कार्यक्रमों में उपस्थिति अनिवार्य

बिहार सरकार ने राजस्व सेवा अधिकारियों द्वारा घोषित सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 25 मार्च की शाम 5 बजे तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले अधिकारियों के खिलाफ ‘सेवा टूट’ सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य में चल रहे महत्वपूर्ण विकासात्मक और जनहितकारी कार्यक्रमों के मद्देनजर अधिकारियों की अनुपस्थिति अस्वीकार्य मानी गई है।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के अनुसार, राज्य में मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ और उपमुख्यमंत्री के ‘जनकल्याण संवाद’ जैसे उच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम संचालित हैं। अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा निर्देशित इन कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है। सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि जो अधिकारी 25 मार्च की शाम 5 बजे तक अपने कर्तव्य पर योगदान नहीं देंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें ‘सेवा टूट’ जैसी गंभीर प्रविष्टि भी शामिल हो सकती है। हालांकि, जो अधिकारी तय समयसीमा के भीतर ड्यूटी पर लौट आएंगे, उनके अवकाश को नियमानुसार समायोजित करने पर विचार किया जाएगा। इसी क्रम में, जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने जिले के हड़ताल पर गए सभी राजस्व सेवा अधिकारियों से अपील की है कि वे विभागीय आदेशों का अक्षरशः पालन करते हुए शीघ्र अपने कर्तव्यों पर लौटें। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा तक योगदान नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बिहार सरकार ने राजस्व सेवा अधिकारियों द्वारा घोषित सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 25 मार्च की शाम 5 बजे तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले अधिकारियों के खिलाफ ‘सेवा टूट’ सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य में चल रहे महत्वपूर्ण विकासात्मक और जनहितकारी कार्यक्रमों के मद्देनजर अधिकारियों की अनुपस्थिति अस्वीकार्य मानी गई है।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के अनुसार, राज्य में मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ और उपमुख्यमंत्री के ‘जनकल्याण संवाद’ जैसे उच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम संचालित हैं। अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा निर्देशित इन कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है। सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि जो अधिकारी 25 मार्च की शाम 5 बजे तक अपने कर्तव्य पर योगदान नहीं देंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें ‘सेवा टूट’ जैसी गंभीर प्रविष्टि भी शामिल हो सकती है। हालांकि, जो अधिकारी तय समयसीमा के भीतर ड्यूटी पर लौट आएंगे, उनके अवकाश को नियमानुसार समायोजित करने पर विचार किया जाएगा। इसी क्रम में, जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने जिले के हड़ताल पर गए सभी राजस्व सेवा अधिकारियों से अपील की है कि वे विभागीय आदेशों का अक्षरशः पालन करते हुए शीघ्र अपने कर्तव्यों पर लौटें। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा तक योगदान नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

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