ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की नई घोषणा के बाद चीन का बड़ा बयान, कहा- तुरंत दुश्मनी को खत्म करें और…

ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की नई घोषणा के बाद चीन का बड़ा बयान, कहा- तुरंत दुश्मनी को खत्म करें और…

अमेरिका-इजराइल और ईरान में युद्ध के बीच समझौते की अटकलें तेज हैं। इजराइल की ओर से कुछ ही देर पहले यह बयान जारी किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बातचीत को लेकर तैयार हो गए हैं। हालांकि, ईरान की ओर से फिलहाल इस बारे में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस बीच, चीन ने भी युद्ध को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। चीन ने मंगलवार को ईरान के आसपास बढ़ते तनाव में शामिल सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे तुरंत दुश्मनी को खत्म करें और बातचीत की ओर लौटें। साथ ही चीन ने यह चेतावनी दी है कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष से किसी का भी भला नहीं होगा।

अमेरिका की घोषणा के बाद चीन का आया बयान

अमेरिका द्वारा ईरान के पावर प्लांट पर नियोजित हमलों को टालने की खबरों के बाद चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि बीजिंग इस युद्ध के चलते पूरे पश्चिम एशिया में फैलने वाले दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा- ईरान में लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष किसी के भी हित में नहीं है और संघर्ष-विराम तथा बातचीत ही एकमात्र समाधान हैं।

सभी पक्षों से संयम बरतने की बात

लिन ने आगे कहा कि चीन ने सभी पक्षों से आग्रह किया है कि वे इस क्षेत्र में तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए संयम बरतें। इससे पहले 20 मार्च को, बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के वैश्विक परिणामों पर प्रकाश डालते हुए चीन ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी।

चीन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि मिडिल ईस्ट में मौजूदा संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और फैल रहा है, जिससे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। उसने कहा था कि इस युद्ध से सभी देशों के साझा हितों को नुकसान पहुंच रहा है।

युद्ध से क्या हो रहा बुरा असर?

वहीं, क्षेत्रीय संकट के संबंध में विदेशी मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि इसके दुष्परिणाम तत्काल युद्ध के मैदान से कहीं आगे तक फैलते हैं।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह तनाव न केवल इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को कमजोर कर रहे, बल्कि सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा, वित्त, व्यापार और शिपिंग को भी प्रभावित कर रहे।

टकराव से केवल नफरत ही पैदा होगी

प्रवक्ता ने बल प्रयोग के खिलाफ बीजिंग के रुख को बताते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई अक्सर विपरीत परिणाम देती है। लिन ने कहा- इतिहास और वास्तविकता ने बार-बार दिखाया है कि सैन्य बल समस्याओं का समाधान नहीं है और सशस्त्र टकराव से केवल नई नफरत ही पैदा होती है।

तनाव कम करने की सीधी अपील करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आग्रह किया कि संबंधित पक्षों को स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सैन्य अभियानों पर तुरंत रोक लगा देनी चाहिए।

साथ ही चीन ने चल रहे संकट के बीच एक राजनयिक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की भी बात कही। लिन ने कहा- चीन संघर्ष-विराम हासिल करने और शत्रुता समाप्त करने के लिए मध्यस्थता के प्रयासों में लगा रहेगा, ताकि मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौट सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *